
काम पूरा होने के बाद भी प्रशासन बना रहा था दबाव, बीएलओ ने खाया जहर, तहसीलदार पर अभद्रता का आरोप
फर्रुखाबाद में बुधवार को एसआईआर के काम के दबाव मे एक बीएलओ ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे बीएलओ ने तहसीलदार और एक प्राइवेट कर्मचारी पर अभद्रता व अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप लगाए।
यूपी के फर्रुखाबाद के अमलैया मुकेरी गांव में बुधवार को एक बीएलओ ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे बीएलओ ने तहसीलदार और एक प्राइवेट कर्मचारी पर एसआईआर का काम करने के लिए दबाव बनाने और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। हालांकि तहसीलदार ने आरोपों को खारिज किया है।

ब्लॉक शमसाबाद क्षेत्र के अमलैया मुकेरी के रहने वाले 50 वर्षीय ललित कुमार गंगवार उच्च माध्यमिक विद्यालय ममापुर में सहायक अध्यापक हैं। इस समय वह बूथ संख्या-272 पर बीएलओ के रूप में कार्यरत हैं। बुधवार को ललित ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी ले गए। हालत में सुधार न होने पर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ललित ने बताया कि एसआईआर के काम को लेकर उन पर लगातार अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था। इसी से आजिज आकर जहर खाया है।
मंगलवार शाम तहसील सभागार में एसआईआर की बैठक में तहसीलदार और एक प्राइवेट कर्मचारी ने उनके साथ अभद्रता की। बुधवार सुबह भी उन्हें बुलाकर काम को लेकर दबाव बनाया गया, जबकि उनका काम 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। ललित ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने पहले चूहा मारने वाली दवा पी थी लेकिन असर नहीं हुआ। इसके बाद बुधवार को फिर पी लिया। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने लगी और उल्टियां होने पर परिजनों को जानकारी दी। इस संबध में तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बूथ संख्या-272 उनके क्षेत्र में नहीं आता है।
यहां एबीएसए शमसाबाद एआरओ के रूप में तैनात हैं। ललित से उनकी न तो मुलाकात हुई है और न ही फोन पर कोई बातचीत हुई है। वहीं, एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने कहा कि सभी बीएलओ का कार्य पूरा हो चुका है और किसी पर भी दबाव नहीं बनाया गया। 272 नंबर बूथ का काम भी पूरा था। यह जांच का विषय है कि संबंधित बीएलओ किस दबाव में ऐसे आरोप लगा रहे हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।



