UP Flood: यूपी में बाढ़-बारिश का कहर, बहराइच में घाघरा उफान पर; बरेली में डूबे ट्रैक
नेपाल के पहाड़ों से आ रहे पानी और लगातार बारिश के कारण बहराइच और बरेली में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। घाघरा नदी के उफान से बहराइच में दो तहसीलों के एक दर्जन से अधिक मजरों में पानी भर गया है, जबकि बरेली में मूसलाधार बारिश से रेलवे पटरियां पानी में डूब गईं हैं।

UP Flood: नेपाल के पहाड़ों से आ रहे पानी, बैराजों से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के बहराइच और बरेली जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। घाघरा नदी के उफान से बहराइच में दो तहसीलों के एक दर्जन से अधिक मजरों में पानी भर गया है, जबकि बरेली में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और रेलवे पटरियां पानी में डूब गईं।
बहराइच जिला प्रशासन के अनुसार, शारदा बैराज, घूर देवी और एल्गिन ब्रिज पर घाघरा (सरयू) नदी खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही है। नदी में छोड़े गए तीन लाख 78 हजार 800 क्यूसेक पानी के कारण सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर, घूर देवी पर 30 सेंटीमीटर और शारदा बैराज पर 11 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि पिछले सालों की तुलना में अभी जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर नहीं है। हालांकि, महसी तहसील की एक ग्राम पंचायत के तीन मजरों और मिहींपुरवा तहसील की दो ग्राम पंचायतों के 9 मजरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
एसडीएम के मुताबिक, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है तथा बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।वहीं, महसी के उप जिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि कुछ गांवों में बाढ़ और कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को बुलाया गया है।
दो दिन की बारिश से दो दर्जन गांवों में भरा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों में करीब दो दर्जन मजरों में पानी भर गया है। कई घरों में पानी घुस गया है और लोग मचान बनाकर रहने को मजबूर हैं। कुछ परिवारों को तख्तों पर खाना बनाना पड़ रहा है। मुख्य सड़क पर तीन दिन से पानी भरा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लोग दवा लेने अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और पशुओं के लिए चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। मिहींपुरवा तहसील के कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांवों में जलभराव के कारण वन्यजीवों के लिए भी संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जंगल से सटे इलाकों में खतरनाक वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में भय है। वहीं, बरेली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात खराब हो गए हैं। बरेली जंक्शन की रेल पटरियां पानी में डूब गईं, जबकि सिटी स्टेशन पर भी ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात प्रभावित हुआ।
सरकारी दफ्तरों में भी भरा पानी
शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। अलखनाथ मंदिर परिसर के शिवालय तक बारिश का पानी पहुंच गया। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय, कई सरकारी दफ्तरों, थानों और बिजलीघरों में भी पानी भर गया। प्रशासन के अनुसार, पिछले 14 वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए बरेली में 24 घंटे के दौरान 134.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में स्थिति बिगड़ गई और जल निकासी व्यवस्था कई जगह प्रभावित हुई।


