यूपी में इस नए एक्सप्रसवे के लिए ड्रोन सर्वे शुरू, यहां की जमीनों की बिक्री पर लगेगी रोक
पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे में ड्रोन से टोपोग्राफी (स्थलाकृति) कराई जा रही है, जिसमें एलाइन्मेंट के क्षेत्र में मकान, नदी, बिजली सहित अन्य रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। इससे अपने कार्यालय में बैठे-बैठे ही इंजीनियर देख सकेंगे कि कहां कौन सा निर्माण है।

Panipat Gorakhpur Expressway: पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे में ड्रोन सर्वे शुरू हो गया है। एनएचएआई ने पहला सर्वे 3(a) पूरा कर लिया है, जबकि दूसरा 3(A) सर्वे दस दिन में पूरा होने की संभावना है। उसके बाद गजट प्रकाशन होगा और एलान्मेंट के दायरे में आने वाले गाटों की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी। उसके बाद एलाइन्मेंट के दायरे में आने वाले नए निर्माण करने वालों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बारे में भी एक अच्छी सूचना है।
पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे में ड्रोन से टोपोग्राफी (स्थलाकृति) कराई जा रही है, जिसमें एलाइन्मेंट के क्षेत्र में मकान, नदी, बिजली सहित अन्य रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। इसमें कार्यालय में बैठे ही इंजीनियर देख सकेंगे कि कहां कौन सा निर्माण है। गोरखपुर के सदर में 24 एवं 22 राजस्व गांव हैं, जबकि कुशीनगर के कप्तानगंज एवं हाटा में 19 गांव हैं।
एलाइनमेंट सर्वे और पीलर झंडों से मार्किंग के बाद बुधवार को कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र में गुजरने वाले गांवों से ड्रोन के जरिए तकनीकी सर्वेक्षण किया गया। ड्रोन तकनीक से तैयार डिजिटल मैपिंग के आधार पर अधिग्रहण की योजना बनाई जाएगी जिससे विवादों की संभावना कम होगी।
क्या बोले अधिकारी
एनएएआई के पीडी ललित प्रताप पाल ने बताया कि पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के एलाइन्मेंट में 3(A) सर्वे दस दिन में पूरा हो जाएगा। फिर जमीन की बिक्री पर रोक लग जाएगी। इसके बाद नए निर्माण करने वालों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा। साक्ष्यों के साथ रिकॉर्ड जुटाने के लिए ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है।
अब बात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की
वहीं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बारे में भी एक अच्छी खबर कल शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में दी थी। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेस वे की चौड़ाई को 110 मीटर से बढ़ाकर 120 मीटर किया गया है। सेमी बुलेट ट्रेन को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे ही चलाया जाएगा।
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मानकों को लेकर हाईपावर कमेटी बनाने की मांग
वहीं पूर्वांचल सहित प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेस-वे में सुरक्षा मानकों का मुद्दा कल विधानपरिषद में उठा। सपा के सदस्य शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने सुरक्षा मानकों में अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण से एक्सप्रेस-वे पर रोज हादसे हो रहे हैं। इसे दूर करने के लिए सरकार को एक हाईपावर कमेटी का गठन करना चाहिए। शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने भोजवनाकाश के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उन्होंने यह मामला उठाया।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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