
प्रयागराज से MBBS की पढ़ाई, कानपुर में डॉक्टर; फिर कैसे आतंकी मुजम्मिल के संपर्क में आई डॉ. शाहीन?
जम्मू-कश्मीर और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन अंसारी को गिरफ्तार किया है। शाहीन पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने और महिला आतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी संभालने के आरोप हैं।
राजधानी दिल्ली में कार ब्लास्ट के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के तार लखनऊ से जुड़ा मिला है। इसी क्रम में जम्मू कश्मीर और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने हुसैनगंज थाने के खंधारी लाइन इलाके महिला डॉक्टर शाहीन को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहीन जैश-ए-मोहम्मद से जुडी थी और महिला आतंकियों की भर्ती की उसे जिम्मेदारी मिली थी। वहीं, इस मामले में शाहीन के पिता शाहिद का कहना है कि उनकी बेटी आतंकी गतिविधियों में लिप्त नहीं हो सकती है। उसे फंसाया जा रहा है।

डॉ. शाहीन के पिता शाहिद स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे,शोएब और डॉ. परवेज अंसारी और एक बेटी शाहीन हैं। परवेज उनसे अलग रहते हैं। पिता के मुताबिक डॉ. शाहीन ने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से एमबीबीएस किया था। इसके बाद वह कुछ समय के लिए कानपुर के जीवीएसएम कॉलेज में तैनात रही। फिर उन्होंने कन्नौज में कुछ समय तक प्रैक्टिस की। शाहीन की शादी मुंबई के रहने वाले एक डॉक्टर से हुई थी, लेकिन यह संबंध अधिक समय तक नहीं चला और दोनों के बीच अलगाव हो गया। हालांकि अलग होने के बाद उन्होंने फरीदाबाद स्थित अलफहद मेडिकल यूनिवर्सिटी में नौकरी शुरू की। लखनऊ में वह बहुत कम समय तक रहीं।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पति से अलग होने के बाद डॉ. शाहीन का संपर्क आतंकी गतिविधियों में लिप्त मुजम्मिल नामक व्यक्ति से हो गया था। जिस कार में एके-47 रायफल बरामद हुई, वह कार शाहीन के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। इस मामले में दिल्ली और यूपी एटीएस लगातार उनसे पूछताछ कर रही हैं।
डॉ. परवेज से एटीएस मुख्यालय में पूछताछ होती रही
डॉ. परवेज अंसारी को एटीएस ने देर शाम हिरासत में ले लिया था। उसके कई करीबियों से पूछताछ करते एटीएस उस तक पहुंच गई थी। सूत्रों के मुताबिक एटीएस मुख्यालय मे डॉ. परवेज से कई घंटे तक पूछताछ होती रही। उससे कई काल डिटेल दिखाकर सवाल जवाब हुए। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उससे डॉ. शाहीन से जुड़ी कई बातें पूछी। यह भी पूछा गया कि उसके घर से मिली उसकी कार पर सहारनपुर का ही नम्बर पड़ा हुआ है जबकि इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन लखनऊ में कराया जा चुका है। इस पर उसने गोलमोल जवाब दिया। उससे छह नवंबर को अचानक इस्तीफा देने के बारे में भी पूछा गया। बताया जाता है कि उसने कई सवालों के उलझाने वाले जवाब भी दिए।
यह भी दावा किया जा रहा है कि एटीएस ने उससे फोन पर उसके भाई शोएब से भी बात कराई। कई सवालों को लेकर दोनों के जवाब का मिलान भी किया गया। उधर एटीएस ने खंधारी बाजार में उसके पिता के घर पहुंचने पर भी शोएब से कुछ बिन्दुओं पर पूछताछ की थी।



