
गंगा के प्रदूषण ने ली डॉल्फिन की जान, पोस्टमार्टम में खुलासा- डैमेज हो गया था लिवर
कानपुर में मृत मिली डॉल्फिन की मौत गंगा में प्रदूषण से हुई है। पोस्टमार्टम में इस बात के संकेत डॉक्टरों को मिले हैं क्योंकि डॉल्फिन का लिवर डैमेज हो चुका था। फिलहाल, डॉल्फिन का विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है।
कानपुर के जाजमऊ पुल के पास मृत मिली डॉल्फिन की मौत गंगा में प्रदूषण से हुई है। पोस्टमार्टम में इस बात के संकेत डॉक्टरों को मिले हैं क्योंकि डॉल्फिन का लिवर डैमेज हो चुका था। फिलहाल, डॉल्फिन का विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट ही डॉल्फिन की मौत का सच बयां करेगी, फिलहाल बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
जाजमऊ स्थित पुराना और नया पुल के बीच गंगा नदी में किनारे की ओर शुक्रवार को मृत डॉल्फिन मिली थी। शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे चकेरी थाना पुलिस ने डॉल्फिन को वन विभाग को सौंपा। शनिवार को चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों ने डॉल्फिन का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चला। डॉल्फिन के पेट में चीरा लगाया गया तो लिवर देख डॉक्टर भी चौंक गए क्योंकि लिवर पूरी तरह काला हो चुका था। यह इस बात का संकेत दे रहा था कि गंगा में भारी धातुओं और रसायन का बढ़ता प्रदूषण डॉल्फिन की मौत की बना।
युवा थी डॉल्फिन
मृत डॉल्फिन मादा थी। यह गैंगेटिक डॉल्फिन प्रजाति की थी। इसकी सामान्य उम्र 30 वर्ष की होती है। मृत डॉल्फिन की अधिकतम उम्र 18 वर्ष बताई जा रही है। नौ फीट से अधिक लंबी थी। वजन 182 किग्रा था। डॉल्फिन की मौत पोस्टमार्टम से 24 घंटे पहले की बताई जा रही है। डॉल्फिन का पोस्टमार्टम इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) बरेली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पावड़े के दिशा-निर्देशन में किया गया। डॉल्फिन के लिवर, तिल्ली, किडनी और हार्ट का विसरा लिया गया। सोमवार को विसरा आईवीआरआई भेज दिया जाएगा। प्रिजर्व विसरा से माइक्रो बायोलॉजिकल, हिस्टोपैथोलॉजिकल और टॉक्सिकोलॉजिकल जांच की जाएगी।
आईआईटीआर करेगा गंगा के पानी की जांच
जाजमऊ स्थित दोनों पुल के नीचे जिस स्थान पर डॉल्फिन मृत मिली है, उस स्थल पर गंगा नदी से वन विभाग की टीम ने पानी का सैंपल लिया है। पानी में भारी धातुओं क्रोमियम, मर्करी जैसे भारी धातुओं की मौजूदगी की जांच की जाएगी। इसके लिए सैंपल को लखनऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च भेजा जाएगा।
इस मामले में फॉरेस्ट रेंजर राकेश पांडेय ने बताया कि मृत डॉल्फिन की मौत का सच जानने के लिए विसरा लेकर आईवीआरआई भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। पोस्टमार्टम में लिवर पूरी तरह काला और डैमेज पाया गया है।





