यूपी के इन कर्मचारियों की सैलरी देने का बदला तरीका, लेटलतीफी भी पड़ेगी भारी, जानें कैसे मिलेगा वेतन?

Mar 05, 2026 11:20 pm ISTDinesh Rathour लखनऊ, विशेष संवाददाता
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सभी सरकारी अस्पतालों से अब डॉक्टर और स्टाफ गायब नहीं रह पाएंगे। उनको समय पर अस्पताल भी पहुंचना होगा। लेटलतीफी उन्हें भारी पड़ सकती है। इन कर्मचारियों के वेतन देने के साथ ही उनकी हाजिरी का नियम भी बदल गया है।

यूपी के इन कर्मचारियों की सैलरी देने का बदला तरीका, लेटलतीफी भी पड़ेगी भारी, जानें कैसे मिलेगा वेतन?

यूपी के सभी सरकारी अस्पतालों से अब डॉक्टर और स्टाफ गायब नहीं रह पाएंगे। उनको समय पर अस्पताल भी पहुंचना होगा। लेटलतीफी उन्हें भारी पड़ सकती है। इन कर्मचारियों के वेतन देने के साथ ही उनकी हाजिरी का नियम भी बदल गया है। जिला स्तरीय अस्पतालों की तर्ज पर अब सीएचसी-पीएचसी में भी बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों और स्टाफ के वेतन को बायोमीट्रिक हाजिरी से लिंक करने की कवायद में जुटा है। इस संबंध में सभी चिकित्सा संस्थानों के प्रमुखों, सीएमओ व चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।

जिला व मंडल के विभागीय अधिकारियों को जल्द बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू करने और उसे शीघ्र वेतन से जोड़ने को कहा गया है। दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद बीते दिनों निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई थी। इसी क्रम में महानिदेशक स्वास्थ्य ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, महिला व संयुक्त चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर बायोमेट्रिक उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक ने कहा है कि सभी अधिकारी अपने नियंत्रण वाले सभी विभागीय अस्पतालों में तैनात सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रतिदिन की उपस्थिति बायोमेट्रिक के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। इसी हाजिरी के आधार पर अधिकारियों व कर्मचारियों का मासिक वेतन मिलेगा।

बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी

वहीं दूसरी ओर बागपत में बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट करवाने के लिए जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय आधार अनु श्रवण समिति की बैठक की। इस दौरान कर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए। बताया कि बच्चों के आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। माता-पिता या अभिभावक किसी भी आधार सेवा केंद्र या निर्दिष्ट आधार केंद्र पर जाकर अपने बच्चे का अनिवार्य बायोमेट्रिक् अपडेट करवा सकते हैं। जनपद में 54110 पेंडिंग है। एम यू वन में 26018 और एम यू 2 में 28092 बायोमेट्रिक संबंधित लंबित है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. तीरथ लाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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