
दिवाली से पहले डीएम का ऐक्शन: डीडीओ, ईई जलनिगम सहित आठ अफसरों की रोकी गई सैलरी
लखीमपुर खीरी में दिवाली से पहले कार्रवाई हुई है। लगातार मानीटरिंग, निर्देशों के बाद भी सीएम डैशबोर्ड पर सितम्बर महीने की रैंकिंग प्रभावित हुई। समीक्षा के बाद डीएम ने आठ जिला स्तरीय अधिकारियों का अक्तूबर महीने का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।
यूपी के लखीमपुर खीरी में दिवाली से पहले कार्रवाई हुई है। लगातार मानीटरिंग, निर्देशों के बाद भी सीएम डैशबोर्ड पर सितम्बर महीने की रैंकिंग प्रभावित हुई। समीक्षा के बाद डीएम ने आठ जिला स्तरीय अधिकारियों का अक्तूबर महीने का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि योजनाओं, कार्यक्रमों का अनुश्रवण करते रहें जिससे सितम्बर महीने की रैंकिंग में सुधार हो सके।

अक्तूबर महीने की जारी रैंकिंग में खीरी जिला विकास में 50वें स्थान पर आया। समीक्षा में पता चला कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में डी श्रेणी मिली है। इसी तरह से डे-एनआरएलएम आरएफ सीआईएफ में डी, बेसिक की निपुण परीक्षा आकलन में डी श्रेणी और एमडीएम एवं बच्चों की उपस्थिति में सी ग्रेड मिली है। इसके अलावा 15वां वित्त आयोग में बी, जलजीवन मिशन हर घर योजना में बी, फैमिली आईडी में बी, सीएमआईएस में बी व सेतुओं के निर्माण में बी ग्रेड मिली है। कन्या सुमंगला की प्रगति खराब होने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव, एनआरएलएम की खराब प्रगति में उपायुक्त एनआरएलएम जितेन्द्र मिश्रा, निपुण परीक्षा व बच्चों की उपस्थिति में बीएसए प्रवीण तिवारी और 15वां वित्त आयोग की धनराशि खर्च न होने पर डीपीआरओ विशाल सिंह का वेतन रोका गया।
इसके अलावा अधिशासी अभियंता जलनिगम, फैमिली आईडी में डीडीओ गजेन्द्र प्रताप सिंह, सीएमआईएस में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरविन्द वर्मा और सेतुओं के निर्माण में ब्री ग्रेड मिलने पर लोक निर्माण विभाग खंड एक के अधिशासी अभियंता का अक्तूबर महीने का वेतन डीएम ने अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि योजनाओं की मानीटरिंग करते रहें जिससे सितम्बर महीने में प्रगति सुधर सके। वहीं बीएसए, उपायुक्त स्वत: रोजगार, डीपीआरओ व जिला प्रोबेशन अधिकारी को कठोर चेतावनी भी जारी की गई है।





