
बेटे के साथ गई पत्नी, आहत वकील ने घर में फंदे पर लटककर दी जान, सुसाइड नोट भी छोड़ा
संक्षेप: बदायूं में एक अधिवक्ता ने घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक ने जान देने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने अपनी पत्नी को दोषी ठहराया।
यूपी के बदायूं में एक अधिवक्ता ने घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक ने जान देने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने अपनी पत्नी को दोषी ठहराया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की वजह और सुसाइड नोट के विवरण से पूरे परिवार और आसपास के लोग स्तब्ध हैं।

मामला दातागंज कोतवाली के बेहटा माधव गांव का है। यहां के रहने वाले अधिवक्ता दुर्विजय सिंह, 40 वर्ष, पुत्र चेतराम ने शुक्रवार को किसी समय अपने घर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक दिखाई नहीं देने पर परिवार के लोगों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे से लटके हुए थे। इसके बाद परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी रेशमा को दोषी बताया। सुसाइड नोट में दुर्विजय सिंह ने लिखा कि वह आत्महत्या कर रहा है, लेकिन पुलिस को जरूर बुलाया जाए ताकि उसकी पत्नी रेशमा जेल जा सके। उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी की वजह से ही आत्महत्या कर रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे दुर्विजय के भाई कृपाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी रेशमा दूसरे गांव के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ अपने बेटे को लेकर करीब 15 दिन पहले चली गई थी। तब से उनका भाई अवसाद में था और उसने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट भी लिखा। कृपाल सिंह ने बताया कि दुर्विजय अपने भाइयों में सबसे छोटा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने बताया कि एक अधिवक्ता द्वारा आत्महत्या की गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में सुसाइड नोट को भी शामिल किया जा रहा है।





