हनुमानगढ़ी में नमाज हुई थी या नहीं? राज्यसभा सांसद बृजलाल के दावे पर क्या बोले पूर्व आईपीएस वीएन राय
हनुमानगढ़ी को लेकर दिए गए सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर पूर्व डीजीपी बृजलाल सिंह ने बड़ा दावा किया। वहीं बृजलाल के इस दावे को पूर्व आईपीएस वीएन राय ने खारिज कर दिया।

Former DGP Brijlal Singh: सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था। सीएम योगी के इस बयान पर भाजपा से राज्यसभा सांसद बृजलाल ने प्रतिक्रिया देते हुए सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। नमाज की घटना के बारे में पूछे जाने पर, यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक और भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने कहा, यह सच है। यह घटना नवंबर 2003 की है, जब रमजान का महीना चल रहा था। बृजलाल ने कहा, उस समय मायावती के नेतृत्व वाली बसपा की सरकार जा चुकी थी। उन्होंने संकेत दिया कि पूरा 'नमाज़ का प्लान' तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान बनाया गया था, जो कथित तौर पर समाजवादी पार्टी और वामपंथी झुकाव वाले एक अधिकारी के कहने पर किया गया था।
बृजलाल ने बताया कि, नमाज के बाद रोज़ा इफ्तार करने की योजना थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी क्योंकि अयोध्या के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव सबरवाल ने साफ़ कह दिया कि वह इसकी इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि विरोध के बाद, आखिरकार हनुमानगढ़ी के महंत के घर पर नमाज़ पढ़ी गई, जो मंदिर के पास ही है। बृजलाल ने बताया, असली योजना हनुमानगढ़ी के ठीक बाहर नमाज़ पढ़ने की थी, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी। उनका कहना है कि बाद में महंत के आवास पर नमाज और रोजा इफ्तार का आयोजन हुआ, जबकि आवास के बाहर सीढ़ियों पर बिछाई गई चटाई पुलिस ने हटवा दी थी। हालांकि पूर्व आईपीएस वीएन राय ने बृजलाल के इन आरोपों को खारिज कर दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान वीएन राय ने कहा बृजलाल का दावा पूरी तरह गलत है।
हनुमानगढ़ी को लेकर क्या बोले थे सीएम योगी
विपक्ष पर हमलावर हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज अयोध्या में जो लोग आस्था की बात कह रहे हैं, इन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था। उन्होंने कहा, आप सोचिए, क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? क्या सरकारें ऐसा करवा पाएंगी? क्या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ऐसा करवा पाएंगी? अगर नहीं, तो फिर अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया? एक अधिकारी के अनुसार योगी आदित्यनाथ नवंबर 2003 की एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जब हनुमान जी के प्रसिद्ध मंदिर 'हनुमानगढ़ी' के बाहर नमाज़ पढ़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली नगरी के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर बन चुका है और देश के प्रमुख शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
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यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
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है।


