
रिश्वतखोरी में अरेस्ट डिप्टी कमिश्नर से 8 घंटे तक पूछताछ, सीबीआई से क्या बोली प्रभा भंडारी?
यूपी के झांसी में रिश्वतखोरी में अरेस्ट डिप्टी कमिश्नर से रिमांड पर सीबीआई ने 8 घंटे तक पूछताछ की। व्यापारियों की शिकायत को उन्होंने अपने खिलाफ साजिश बताया।
उत्तर प्रदेश के झांसी में रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ी गई सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी बुधवार को सीबीआई अफसरों के हर सवाल पर खुद को निर्दोष बताती रहीं। उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई। व्यापारियों की शिकायत को उन्होंने अपने खिलाफ साजिश बताया। सीबीआई ने शाम को उन्हें जेल भेज दिया। अन्य दोनों आरोपियों अनिल तिवारी व अजय शर्मा से कुछ देर ही पूछताछ की गई। प्रभा की एक दिन और अन्य दोनों अफसरों की तीन दिन रिमांड स्वीकृत हुई थी।
सीबीआई ने झांसी में जीएसटी विभाग के अंदर फैले रिश्वत गिरोह का पूरा नेटवर्क पता करने के लिए इन तीनों की रिमांड मांगी थी। कोर्ट में अर्जी दी थी कि पकड़े गए अफसरों के संपर्क में कई और कर्मचारी थे, जो पूरा ताना-बाना बुनते थे। इन लोगों से ही व्यापारी को फोन कराकर डराया जाता था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक प्रभा भंडारी ने शुरू में कुछ नहीं बताया पर कई सवालों के पूछे जाने पर वह यही कहती रही कि उन्हें साजिश में फंसाया गया है। व्यापारियों से 70 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने की बात से भी इंकार किया।
बताया जाता है कि उन्होंने सीबीआई से कहा कि सिर्फ शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। उन्हें रिश्वत लेते हुए नहीं पकड़ा गया था। इस पर सीबीआई ने उन्हें कई साक्ष्य दिखाए तो वह चुप हो गई। इसके बाद उन्होंने हर सवाल पर चुप्पी साधे रखी। सीबीआई गुरुवार को अधीक्षक अनिल तिवारी व अजय शर्मा से पूछताछ करेगी। इन दोनों से बुधवार को कुछ देर अलग-अलग पूछताछ की गई।





