War of supremacy started between two groups of prisoners in Deoria jail - देवरिया जेल में बंदियों के दो गुटों में शुरू हुई वर्चस्व की जंग DA Image
14 दिसंबर, 2019|1:49|IST

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देवरिया जेल में बंदियों के दो गुटों में शुरू हुई वर्चस्व की जंग

देवरिया जेल में बंदियों के दो गुटों में शुरू हुई वर्चस्व की जंग

जिला कारागार में बंदियों के दो गुटों में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है। दो दिन पूर्व दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई थी। जेल अधीक्षक ने दोनों गुटों को फटकार लगाकर मामला शांत कराया। बावजूद इसके अभी भी दोनों गुटों में तनाव जारी है।

जिला कारागार में बंद कुछ शातिर बदमाश अपना वर्चस्व चलाना चाहते हैं। पहले भी बंदी जेल के अंदर गोलबंदी कर चुके हैं। अतीक अहमद के जिला कारागार से बरेली शिफ्ट होने के बाद कुछ बंदी अपना वर्चस्व चलाना चाहते हैं। इसकी वजह से यह गोलबंदी और बढ़ गई है। 10 दिन पूर्व बलिया जेल से तीन शातिर बदमाशों को देवरिया जेल भेजा गया था। इन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। एक बैरक में बलिया जिले के एक बंदी का विवाद देवरिया जिले के बंदी से हो गया। इस मामले ने तूल पकड़ते हुए गोलबंदी का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों गुट के लोग आमने-सामने हो गए। देवरिया के बंदियों ने बलिया के बंदी पर धावा बोल उसकी जमकर धुनाई कर दी। बंदी रक्षकों ने दोनों गुटों को अलग कराया। इसके बाद से जेल में दोनों गुटों में तनाव बना हुआ है।

जेल अधीक्षक ने दी चेतावनी

मामले की जानकारी होने पर जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने दोनों पक्षों के बंदियों को कार्यालय में बुलाकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जेल में कभी कोई विवाद आगे हुआ तो दोनों पक्ष के बंदियों को दूसरे जिले में शिफ्ट करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद दोनों गुट के बंदी ने उनसे माफी मांगी और आगे से कभी मारपीट नहीं करने की बात कही।

जिला कारागार में पहले भी हो चुकी है गोलबंदी

जिला कारागार में पहले भी गोलबंदी हो चुकी है। एक समय जिला कारागार में बंद हरबंश यादव का सिक्का चलता था। इसके अलावा कारागार में देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़ और बलिया के बंदियों में विवाद हो चुका है। अतीक अहमद के आने के बाद उसका वर्चस्व चलने लगा। इस दौरान जिला कारागार में जौनपुर के केडी सिंह और बागपत के अरविन्द राठी के आने के बाद अतीक अहमद से तनातनी बढ़ी थी।

जेल में बलिया से आए एक बंदी से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को बुलाकर चेतावनी दी गई है। सभी बदमाशों पर विशेष नजर रखी जा रही है। किसी के वर्चस्व जैसी कोई बात नहीं है।

केपी त्रिपाठी, जेल अधीक्षक, देवरिया

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