Hindi NewsUttar-pradesh NewsDeoria NewsTraining Program on Mustard Crop Cultivation Held in Kehuniya
सीडड्रिल से करें सरसों की बुवाई: कमलेश मीना

सीडड्रिल से करें सरसों की बुवाई: कमलेश मीना

संक्षेप:

Deoria News - कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत ग्राम केहुनिया में सरसों की बुवाई पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। विशेषज्ञों ने किसानों को सीडड्रिल मशीन से बुवाई करने की सलाह दी, जिससे फसल का अंकुरण बेहतर होता है। कार्यक्रम में महिला किसानों ने भी भाग लिया।

Nov 05, 2025 02:23 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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भाटपाररानी, हिन्दुस्तान संवाद। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के विशेषज्ञों द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत तिलहनी फसल सरसों के क्लस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पर मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का ग्राम केहुनिया में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञ डॉ कमलेश मीना ने किसानों को सरसों की बुवाई सीडड्रिल मशीन से करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर बीज की दूरी और गहराई समान रहती है, जिससे फसल का अंकुरण बेहतर होता है। बुवाई के समय बीज की गहराई 1.5 से 2.5 सेंटीमीटर, पौधे से पौधे की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर, तथा कतार से कतार की दूरी 30 से 45 सेंटीमीटर रखनी चाहिए।

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बताया कि अंतिम जुताई के समय खेत में 15 से 20 टन गोबर की खाद मिलाएं। साथ ही बुवाई के समय 60 किलोग्राम फास्फोरस, 40 किलोग्राम पोटाश, 50 किलोग्राम नाइट्रोजन और 20 किलोग्राम सल्फर का उपयोग करें। नाइट्रोजन की आधी मात्रा पहली सिंचाई के समय दें। उन्होंने किसानों को बताया कि सरसों की उन्नत प्रजातियां आरएच 761, आरएच 749, आरएच 725, पूसा मास्टर 32, पूसा मास्टर 30, पूसा तारक आदि की बुवाई नवंबर के द्वितीय सप्ताह तक की जा सकती है। कार्यक्रम में डॉ अंकुर शर्मा, विशेषज्ञ पशु जैव प्रौद्योगिकी, ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन को अपनाना जरूरी है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशिक्षण के दौरान ल शरद चंद्र राय द्वारा किसानों का पंजीकरण किया गया। इस अवसर पर ग्राम केहुनिया की कलावती देवी, रूपा देवी, राबड़ी देवी, फूलमती देवी, सुनीला देवी, तेतरी देवी, भगवती देवी, पन्ना देवी, शोभावती देवी आदि महिला किसानों ने भाग लिया।