बन्द कमरे में छह घण्टे चली मजिस्ट्रियल जांच
Deoria News - बरहज/कपरवार, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद में

बरहज/कपरवार, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद में अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत मामले की मजिस्ट्रियल जांच के क्रम में दूसरे दिन मजिस्ट्रेट प्रेमनारायण सिंह के नेतृत्व में जांच टीम दिन भर लक्ष्मीपुर में डटी रही। बन्द कमरे में करीब छह घण्टे तक जांच चली। पांच अप्रैल को अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह की चकनाली पर सड़क निर्माण के विवाद में मौत हो गई थी। मौत के बाद से ही जिले भर के अधिवक्ता आंदोलित है। मामले में बढ़ते दबाव के चलते प्रशासन ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेमनारायण सिंह के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कराई है।
इसी मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्कालीन उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को शासन ने निलंबित कर दिया है। गुरुवार को जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेमनारायण सिंह के साथ ही जांच टीम के सदस्य एसडीएम बरहज हरिशंकर लाल, एसडीएम भाटपाररानी रत्नेश तिवारी, तहसीलदार सदर कृष्णकांत मिश्र पूर्वान्ह करीब 11 बजे लक्ष्मीपुर पहुंचे। जांच टीम ग्राम सचिवालय पर दिन भर जमी रही। बन्द कमरे के करीब छह घण्टे तक ग्रामीणों का अलग अलग बयान दर्ज किया। एक दर्जन से अधिक लोगों ने अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। बड़ी संख्या में पुकिसकर्मी ग्राम सचिवालय के बाहर तैनात रहे।अधिवक्ताओं ने की पुलिस के खिलाफ नारेबाजीअधिवक्ता की मौत के मामले हत्यारोपितों की गिरफ्तारी न होने से अधिवक्ता आक्रोशित है। गुरुवार को अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव के नेतृत्व में तहसील में प्रदर्शन किया और पुकिस के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस गम्भीर नहीं है। पूर्व अध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह, रामायण तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ग्रीस वर्मा, महामंत्री अमरेश यादव, नागेंद्र सिंह, उदयराज चौरसिया, चंद्रभान चौरसिया, विपिन तिवारी, ओमकार उपाध्याय, वीरेंद्र यादव, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।ग्राम प्रधान सहित 13 पर हत्या का मुकदमाअधिवक्ता की मौत के बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान राजेश यादव, उनके भाई तारकेश्वर यादव, ग्राम प्रधान के पुत्र कुलवंत यादव, खुशवंत यादव और दुबौली के ग्राम प्रधान गामा यादव पुत्र विश्वनाथ यादव तथा आठ अज्ञात के विरुद्ध हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल नहीं हुई है।यदि किसी व्यक्ति के पास उक्त घटना से संबंधित कोई तथ्य या साक्ष्य उपलब्ध हो, तो वह दिनांक 17 अप्रैल को सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट देवरिया परिसर स्थित कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए जनसहयोग आवश्यक है।-प्रेमनारायण सिंह, एडीएम प्रशासन/जांच अधिकारी।
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