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देवरिया में बीज ढुलाई का तीगुना भुगतान, नकली खाद से चर्चा में रहे मुजम्मिल

देवरिया में बीज ढुलाई का तीगुना भुगतान, नकली खाद से चर्चा में रहे मुजम्मिल

संक्षेप:

Deoria News - सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल को खाद की कालाबाजारी और बीज ढुलाई के भुगतान में अनियमितताओं के कारण निलंबित किया गया है। 2017-18 में 37 लाख और 2018-19 में 1.12 करोड़ का भुगतान किया गया, जो कि अत्यधिक था। 2021 में नकली डीएपी खाद का भंडाफोड़ भी उनके कार्यकाल में हुआ।

Dec 26, 2025 10:26 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया, निज संवाददाता खाद की कालाबाजारी,तस्करी,ओवर रेटिंग व टैंगिंग में सस्पेंड सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल देवरिया में तैनाती के दौरान बीज ढुलाई का तीगुना भुगतान करने, नकली खाद का जखीरा मामले से चर्चा में रहे। वर्ष 2017-18 में तत्कालीन डीएओ ने 9 हजार कुंतल बीज ढुलाई का 37 लाख भुगतान किया था, जबकि वर्ष 2018-19 में डीएओ बने मुहम्मद मुजम्मिल ने 15 हजार कुंतल बीज का 1.12 करोड़ भुगतान कर दिया। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री की समीक्षा में महराजगंज में खाद की कालाबाजारी, तस्करी का मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री ने महराजगंज में तैनात तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल को सस्पेंड कर दिया था।

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कुछ समय बाद मुजम्मिल बहाली कराने के बाद देवरिया के जिला कृषि अधिकारी बने। तैनात के बाद उन्होंने बीज ढुलाई के भुगतान में बड़ा खेल किया। वर्ष 2017-18 में तत्कालीन डीएओ विकेश कुमार पटेल ने 8912 कुंतल बीज ढुलाई का 37 लाख भुगतान किया, जबकि वर्ष 2018-19 में डीएओ बने मुहम्मद मुजम्मिल ने 15 हजार कुंतल बीज ढुलाई का तीगुना 1.12 लाख का भुगतान कर दिया। वर्ष 2021 में रबी सीजन के दौरान जिले में नकली डीएपी खाद का जखीरा मिला था। खुखुन्दू थाना क्षेत्र के मुसैला-मगहरा मार्ग पर एक गल्ले के गोदाम में 3 दिसंबर-21 को नकली खाद बनाने का भंडाफोड़ हुआ था। मौके से 8 सौ बोरी नकली खाद बरामद हुआ था। यहां पर दो सौ रूपये बोरी के जिप्सम से नकली डीएपी बनाकर दुकानों, समितियों पर भेजी जा रही थी। वहीं तीन सदस्यीय टीम की आडिट में वर्ष 2019-20 में 4.33 लाख राजकोष में जमा नहीं करने, बीज ढुलाई में 71.66 लाख की वित्तीय अनियमितता उजागर हुआ था। इसके बाद भी उंची पहुंच के बल पर मुजम्मिल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। वह यहां से फिर से नेपाल बार्डर के सिद्धार्थनगर जिले में तैनाती कराने में सफल रहे। जबकि वर्ष 2009 में शहर में कुछ बोरी नकली खाद मिलने पर तत्कालीन डीएओ ओपी मौर्य को सस्पेंड कर दिया गया था।