Deoria News: मौसम में बदलाव से मेडिकल कॉलेज में एलर्जी,सांस के बढ़े मरीज
Deoria News: महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सांस और एलर्जी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वायरल इंफेक्शन के कारण सांस की पुरानी समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे लोग दवा लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। डॉक्टर नियमित दवा एवं सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सांस और एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। वायरल इंफेक्शन की वजह से सांस के पुराने मरीजों की दिक्कत बढ़ जा रही है।
मरीजों की बढ़ती संख्या
पल्मोनरी मेडिसिन में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके अलावा बुधवार को आर्थो, मेडिसिन, नेत्र, स्किन, ईएनटी, सर्जरी, बालरोग में लंबी कतार रही। पहले डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर धक्का-मुक्की तो कुछ स्थानों पर नोकझोंक हुई। पर्ची से लेकर हर जगह लोगों को डेढ़ से दो घंटे इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी हुई।
मौसमी प्रभाव
मौसम में बदलाव हुआ है। बारिश के बाद धूप हो रही है। वातावरण में नमी के कारण थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है। ठंडी हवा व धूल के कण नाक के रास्ते जाने से सांस, अस्थमा के पीड़ितों की दिक्कत बढ़ रही है, वहीं एलर्जी से भी लोग पीड़ित हो जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में अधिक संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को करीब 170 से अधिक मरीज पहुंचे थे। डॉक्टर ने परीक्षण के बाद दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे है।
डॉक्टर की सलाह
पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग शुक्ल ने बताया कि बारिश के बाद एलर्जी के ट्रिगर फैक्टर के कारण लोग बीमार होते हैं। ठंडी हवा व धूल के कण नाक के रास्ते अंदर जाते हैं, जिससे सांस की नली में सूजन होजाता है। इसकी वजह से सांस, अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है, वहीं एलर्जी की लोगों को समस्या होती है। आंख, नाक से पानी आने, छींक, कान व आंख में खुजली, सांस फूलने की दिक्कत होती है।
अन्य विभागों में भीड़
सफाई पर ध्यान दें, अस्थमा, सांस के मरीज नियमित दवा व इन्हेलर लें, मास्क लगाएं, तली व मसालेदार चीजों का सेवन कम करें, सुबह टहलें, प्राणायाम करें। उधर मेडिकल कॉलेज के अन्य विभागों में भी भीड़ रही है। आर्थो में 605 मरीजों का इलाज किया। इसमें जोड़ों के दर्द, नस, हड्डी रोग के अधिक मरीज रहे। मेडिसिन में 520 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ। सांस फूलने के साथ चेस्टपेन की शिकायत लेकर 8 लोग पहुंचे थे।
इसके अलावा बुखार, सर्दी, जुकाम, पेट दर्द, शुगर, बीपी के अधिक मरीज रहे। स्किन में 375 मरीज पहुंचे, इसमें दिनाय, खुजली, दाने व चकत्ता निकलने से पीड़ित अधिक रहे। बाल रोग में भीड़ रही। बुखार, सर्दी, जुकाम, पेट दर्द, सांस के मरीज अधिक रहे। यहां 300 मरीजों को भर्ती किया गया। गंभीर 12 मरीजों को भर्ती किया गया। नेत्र विभाग में आंख में दर्द, खुजली, पानी आने, लालीपन से पीड़ित मरीज पहुंचे, यहां 288 लोगों का उपचार हुआ। ईएनटी में 270, सर्जरी में 190, मानसिक रोग में 170 व दंत में 80 मरीजों का उपचार हुआ।
एक्स-रे में भी भीड़ रही। करीब 195 लोगों की जांच हुई। देर से पहुंचे करीब 30 लोग लंबी लाइन देख वापस लौट गए। ईसीजी में भी कतार रहीं। यहां 90 मरीजों की जांच हुई। मेडिकल कॉलेज में करीब साढ़े चार हजार लोग पहुंचे थे। हर जगह लोगों को देर तक इंतजार करना पड़ा।
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दवा काउंटर पर हुई नोकझोंक
मेडिकल कॉलेज में दवा के चारों काउंटर हैं, इसमें दो महिलाओं व दो पुरुष के लिए है। सभी काउंटर पर लंबी कतार रही। बगल से पहले खिड़की पर पहुंचने को लेकर मरीजों व तीमारदारों में नोकझोंक हुई। देर तक लोगों को खड़े रहने से परेशानी हुई।


