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देवरियादूसरे के प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षक को एसटीएफ ने दबोचा

हिन्दुस्तान टीम,देवरियाPublished By: Newswrap
Sun, 24 Jan 2021 03:22 AM
दूसरे के प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षक को एसटीएफ ने दबोचा

देवरिया। निज संवाददाता

कुटरचना कर दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाले परिषदीय विद्यालय के एक शिक्षक को एसटीएफ ने शनिवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार शिक्षक को एसटीएफ ने खुखुन्दू थाने को सौंप दिया है। एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर खुखुन्दु पुलिस ने आरोपी शिक्षक के विरुद्ध धोखाधड़ी और कुटरचना समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

खुखुन्दू थाना क्षेत्र के परसिया करकटही गांव का रहने वाला अनिल कुमार पुत्र गनपत प्रसाद सतीश कुमार गोयल नामक एक व्यक्ति के प्रमाण पत्र पर शिक्षक बन गया। पहली तैनात सलेमपुर विकास खंड के एक विद्यालय में हुई थी। इसके बाद उसने अपना तबादला भलुअनी विकास खंड के महुई संग्राम में करा लिया था। यहां जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने की भनक गोरखपुर एसटीएफ को लग गई। एसटीएफ ने जांच कराया तो मामला फर्जी निकला। सतीश गोयल का प्रमाण पत्र तो सही था, लेकिन उसके नाम पर अनिल कुमार फर्जी रूप से सतीश बनकर नौकरी कर रहा था। उसने इसके लिए दो तरह के पैनकार्ड बनवा रखे थे। एसटीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार को छापेमारी कर गांव से अनिल कुमार को गिरफ्तार कर खुखुन्दू पुलिस को सौंप दिया। एसटीएफ इंस्पेक्टर ने की तहरीर पर खुखुन्दू पुलिस ने शिक्षक अनिल कुमार के विरुद्ध धोखाधड़ी, कुटरचना और गबन का केस दर्ज किया है। असली सतीश कुमार गोयल पुत्र रामनाथ ग्राम व पोस्ट कम्हरिया कला, जिला महराजगंज के रहने वाले हैं। वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय चैनपुर मिठौरा में तैनात हैं।

नथुनी की गिरफ्तारी के समय ही प्रकाश में आया था अनिल कुमार

एसटीएफ ने कुछ माह पूर्व खुखुन्दू से शिक्षक नथुनी को भी फर्जी प्रमाण पर नौकरी करने के मामले में गिरफ्तार किया था। नथुनी से पूछताछ में ही अनिल कुमार उर्फ सतीश कुमार गोयल का नाम प्रकाश में आ गया था। इसके बाद एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी थी।

शिक्षक की शादी के लिए आए थे कुछ लोग, हुए वापस

नौकरी लगने पर अनिल कुमार की शादी के लिए भी कुछ लोग गांव में आए थे। वे सतीश कुमार गोयल के बारे में पूछते रहे। लेकिन गांव के लोगों को इस नाम के व्यक्ति की जानकारी ही नहीं थी। इसके बाद लड़की के परिवार के लोग वापस चले गए। एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद गांव में सतीश कुमार गोयल की कहानी सामने आ गई।

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