भठवा की बेटी सलोनी ने इसरो में किया शोध वाचन
Deoria News - भठवा तिवारी गांव की सलोनी तिवारी ने इसरो के तकनीकी सम्मेलन में 'स्पेस डेब्रिस प्रबंधन' पर शोध प्रस्तुत किया। उन्हें 'नमस्कार स्पेस स्टूडेंट रत्ना 2026' पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। सलोनी ग्रेटर नोएडा के एनआईईटी में बीटेक की छात्रा हैं और जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही हैं।

भाटपाररानी(देवरिया), हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के भठवा तिवारी गांव निवासी अंजनी तिवारी की सुपुत्री सलोनी तिवारी ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन किया है। सलोनी ने इसरो द्वारा आयोजित अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन 2025 में “स्पेस डेब्रिस प्रबंधन : वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीतियां” विषय पर शोध वाचन किया। यह शोध वाचन यू. आर. राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु में आयोजित सम्मेलन के दौरान देशभर से आए चुनिंदा वैज्ञानिकों, इसरो से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि इस उपलब्धि के लिए सलोनी तिवारी को “नमस्कार स्पेस स्टूडेंट रत्ना 2026” अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।
उन्हें नेशनल स्पेस डे (23 अगस्त) को लखनऊ में आयोजित समारोह में स्मृति चिन्ह एवं 11,000 रुपये नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सलोनी का यह शोध लेख देशभर में प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित शोध पत्रिका में भी प्रकाशित किया गया है। सलोनी तिवारी वर्तमान में नोएडा इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में बीटेक की छात्रा हैं। आने वाले दिनों में वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पूर्वांचल के आम लोगों के जीवन को सरल बनाने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बना रही हैं। सलोनी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने बाबा अशोक तिवारी एवं माता लक्ष्मी तिवारी को दिया है।
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