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मरीजों से फुल हुआ मेडिकल कॉलेज का चिल्ड्रेन वार्ड

मरीजों से फुल हुआ मेडिकल कॉलेज का चिल्ड्रेन वार्ड

संक्षेप:

Deoria News - देवरिया में मौसम के लगातार बदलने के कारण बच्चे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना ढाई से तीन सौ बच्चे पहुंच रहे हैं। गंभीर बच्चों को पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड...

Thu, 14 Aug 2025 10:09 AMNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया, निज संवाददाता। लगातार बदलते मौसम में मासूम विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इससे मेडिकल कालेज की ओपीडी में ढ़ाई से तीन सौ बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से गंभीर होने पर 10 से 15 मरीजों को पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाताा है। बुधवार को भी काफी संख्या में बीमार बच्चे मेडिकल कालेज में पहुंचे थे। बीमारों की बढ़ती संख्या के चलते चिल्ड्रेन वार्ड के बेड फुल हो गये है। उमस और गर्मी से मरीज व तीमारदार बेहाल रहे। वहीं मेडिकल कालेज की ओपीडी में डाक्टर से दिखाने को खचाखच भीड़ लगी रही।

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जब से मानसून ने दस्तक दिया है मौसम में बार-बार उतार चढ़ाव हो रहा है। कभ तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी तो कभी बदली छाने से अचानक तापमान में गिरावट व बढ़ोतरी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। असमान मौसम के चलते बच्चे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। ओपीडी में बहुत गंभीर बच्चों के आने पर उन्हे पीआईसीयू में भर्ती किया जाता है, जबकि सामान्य बुखार, सर्दी, खांसी व दस्त आदि होने पर उन्हे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाता है। कुछ दिनों से बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने से चिल्ड्रेन वार्ड के अधिकांश बेड भर गये हैं। हाल में बड़े और क्षमता के अनुसार गर्मी से राहत देने को पंखे का इंतजाम नहीं किया गया है, जिससे मरीजों के परिजनों को घर से टेबल फेन लाना पड़ रहा है या गर्मी होने हाथ पंखा से हवा देनी पड़ रही है। बुधवार की दोपहर में दर्जन भर मरीजों के परिजन गर्मी से बेहाल होने पर हाथ पंखा चला रहे थे। मरीजों के परिजनों की भीड़ से वार्ड खचाखच भरा रहने से हालत और खराब हो गये। गर्मी को देखते हुए हवा का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से मरीज व तीमारदार परेशान रहे। वहीं लगातार गंभीर मरीजों के आने से पीआईसीयू में एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर मरीजों के लिए महज एक दर्जन ही बेड़ उपलब्ध हैं। बाल रोग विशेषज्ञ व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एचके मिश्र ने कहा कि इस सीजन में 20 से 30 फीसदी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ जाती है। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, जहां कमियां है उसे दूर किया जायेगा।