Deoria News: महुआडीह में दुकानदार खुद नालियों पर रखवा रहे स्लैब
Deoria News: महुआडीह में जल निकासी व साफ-सफाई की व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन नालियों में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश के पानी के जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और दुकानदार परेशान हैं। समस्या का समाधान नहीं होने के कारण स्थानीय व्यावसायी अब अपने खर्च पर नालियों पर स्लैब रखवा रहे हैं।

Deoria News: महुआडीह (देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। जल निकासी व साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के नाम पर लाखों रुपये महुआडीह चौराहे पर खर्च कर दिए गए। लेकिन अब वह बेमतल साबित हो गया है। सड़क की दोनों पटरी पर नालियां तो बनी, लेकिन नालियों से पानी की निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। इतना ही नहीं, नालियों पर स्लैब तक नहीं रखे गए हैं। जिसके चलते बारिश का पानी नालियों में भर गया है और गंदगी के चलते दुर्गंध उठ रहा है। महुआडीह-हाटा मार्ग के चौड़ीकरण परियोजना के तहत जलनिकासी के लिए महुआडीह पुल से स्थानीय थाने तक सड़क के दोनों तरफ नालियों का निर्माण करीब तीन सप्ताह पहले करा दिया गया।
समस्या का सामना
महुआडीह चौराहे के दुकानदारों और व्यापारियों को उम्मीद थी कि नालियों के निर्माण से बारिश के पानी और दुकानों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी आसानी से हो सकेगी। लेकिन नालियां बनने के बाद भी पानी की निकासी के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। संबधित जिम्मेदारों की लापरवाही से दोनों तरफ बनी नालियां खुली पड़ी हैं और उन पर स्लैब भी नहीं रखे गए हैं। आए दिन नालियों में गिरने की घटनाओं को लेकर दुकानदारों और व्यापारियों ने संबंधित जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हाल में हुई बारिश का पानी नालियों में भर गया। पानी की निकासी का रास्ता नहीं होने के कारण यह लंबे समय तक जमा रहा। इससे नालियों में गंदगी और कचरा जमा होने के साथ आसपास दुर्गंध फैलने लगी है। नालियों की गंदगी और दुर्गंध से चौराहे पर आने-जाने वाले लोगों के साथ ही दुकानदारों और व्यापारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, खुली नालियां दुर्घटना का कारण भी बन रही हैं। समस्या से परेशान स्थानीय दुकानदार और व्यापारी अब अपने खर्च पर नालियों पर स्लैब रखवा रहे हैं।
खुद लोग रखवा रहे स्लैब
महुआडीह चौराहे पर दुकानों के सामने नालियों को ढकने के लिए स्लैब रखने वाले दुकानदारों व व्यापारियों में मुन्ना मल्ल, राजकुमार, भरत, श्रवण यादव, बैजनाथ, सुनील दुबे, ईश्वर शरण दुबे, मनीष दुबे, उदय चौरसिया, मुकेश, संतोष रौनियार, अमित, डॉ. आदित्य कुमार, राधेश्याम, हरी मद्धेशिया, गयासुद्दीन, ओमप्रकाश, सज्जाद, राजू यादव, जनार्दन, अशोक, बशिष्ठ, जय प्रकाश सिंह, गुलाब, अंगद सिंह, शुमेश्वर उपाध्याय, शिवचंद, मद्धेशिया, वशिष्ठ सिंह और नन्दलाल समेत चौराहे के समस्त दुकानदार नालियों भी शामिल हैं।


