Deoria News: मनीष के हत्यारों की गिरफ्तारी को पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, एक दर्जन को उठाया
Deoria News: भलुअनी के मनीष सिंह मोनू की हत्या से पुलिस की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद थानेदार, दारोगा और सिपाही निलंबित किए गए हैं। पुलिस ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की हैं और यह केस एसपी द्वारा मॉनिटर किया जा रहा है। लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है।

Deoria News: भलुअनी (देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। भलुअनी के मनीष सिंह मोनू की हत्या में पुलिसिया लापरवाही सामने आने के बाद थानेदार, दारोगा व सिपाही निलंबित हो चुके हैं। किरकिरी होने के बाद देवरिया पुलिस इस मामले को लेकर एक्शन मोड में है। एएसपी सुनील सिंह के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस समेत पांच टीमें गठित की गई हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सभी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में एक दर्जन लोगों को उठाकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो अभी नामजद आरोपी हाथ नहीं लग سکے हैं। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी होने के दावे किए जा रहे हैं। एसपी समेत अन्य अधिकारी खुद इस पूरे प्रकरण की मानीटरिंग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
हत्या की घटना
भलुअनी उपनगर के गांधीनगर निवासी मनीष सिंह मोनू (25) पुत्र प्रेम सिंह गुरुवार की रात को घर से कुछ ही देर में आने की बात कह कर निकले। देर रात खाद गोदाम के समीप बाइक से आए कुछ मनबढ़ युवक उन्हें रोक लिए और अपशब्द बोलते हुए चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। एक नहीं, दो दर्जन बार चाकू से प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में मनीष के भाई उपेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चाइना अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा निवासी जयप्रकाश नगर भलुअनी, जयकिशुन यादव निवासी तिलक नगर व नागेश यादव निवासी कुंईचवर के विरुद्ध केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद इंस्पेक्टर, दारोगा व सिपाही निलंबित किए जा चुके हैं। एसपी अभिजीत आर शंकर इस प्रकरण की खुद ही मानीटरिंग कर रहे हैं और एएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो घटना के बाद से ही नामजद आरोपियों के मोबाइल बंद हो गए हैं, जिसके चलते पुलिस को उनका लोकेशन नहीं मिल रहा है। पुलिस टीमें लगातार उनके रिश्तेदार व मित्रों के यहां छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही वह पुलिस के हाथ लग जाएंगे। मुख्य आरोपी चाइना अंसारी है। पुलिस एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
लोगों में आक्रोश
मोनू की हत्या को लेकर लोगों में दिखा आक्रोश
मनीष सिंह मोनू हत्याकांड की जड़ में पुलिसिया लापरवाही सामने आई है। जिसके चलते लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है और लोग लगातार अपना आक्रोश दिखा भी रहे हैं। देर रात तक लोगों ने शव रख कर आंदोलन किया तो इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर गई। लोगों का कहना है कि अगर एक सितंबर को पुलिस सक्रिय हो गई होती और चाइना समेत अन्य आरोपियों पर कार्रवाई कर दी होती तो शायद मनीष की हत्या नहीं होती। हालांकि एसपी तक मामला पहुंचते ही एसपी सख्त हो गए और लापरवाहों पर कार्रवाई कर दिए। घटना को लेकर भलुअनी में तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है। इसलिए छह थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी के जवानों की भी तैनाती की गई है। हर चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात नजर आए।
नई पुलिस जिम्मेदारी
दिनेश कुमार मिश्र को मिली भलुअनी थाने की जिम्मेदारी
पुलिसिया लापरवाही में मनीष की गई जान के बाद प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह, दारोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया गया। मामला बड़ा होने के चलते एकौना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्र को अब भलुअनी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर घटना के पर्दाफाश की जिम्मेदारी भी अब दिनेश के कंधों पर है। उधर सम्मन सेल में तैनात उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह को अब एकौना थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस की कार्रवाई
149 नंबर गैंग पर पुलिस की तरफ से बड़ी कार्रवाई की तैयारी
भलुअनी थाना क्षेत्र में रफ्तार गैंग से बड़ा गैंग 149 नंबर संचालित हो रहा है। जिसका सरगना मुख्य आरोपी चाइना अंसारी है। इस गिरोह में 100 से अधिक युवक जुड़े हुए हैं। चाइना अंसारी पर पहले से भी कई केस दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस गैंग के सदस्यों पर भी बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में पुलिस है। इसके अलावा जनपद में युवाओं के संचालित अन्य गैंग पर भी कार्रवाई करने के निर्देश एसपी की तरफ से दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर संचालित इन गैंगों की जांच भी साइबर थाने की टीम ने करनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जिले में संचालित युवाओं के गैंग पर पुलिस बड़ी कार्रवाई कर सकती है।


