समाज की कुरीतियों को समाप्त करने में कविता की भूमिका अहम है- डॉ. अनिल
Deoria News - देवरिया में नागरी प्रचारणी सभा में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कविता की सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कई कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की और श्वेता राय को इस माह के कवि के रूप में सम्मानित किया गया।
देवरिया, निज संवाददाता। नागरी प्रचारणी सभा के सभागार में सोमवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि समाज की बुराइयों को समाप्त करने में कविता की भूमिका अहम है। कविता तीखी कटारी है। कार्यक्रम की शुरुआत क्षमा श्रीवास्तव के सरस्वती वंदना- आ जाओ मां शारदे कर के हंस की सवारी....से हुआ। गिरजेश मिश्र मंटू ने भाव का भूखा है वो...रचना सुनाई। इसके बाद गीतकार गोपालजी त्रिपाठी ने कटुता जले, मृदुलता आए याद मकर संक्रांति....सुनाकर सबको आह्लादित कर दिया। प्रार्थना राय ने जैसे रात की बाहों में कोई ख्वाब पलता है...गजल प्रस्तुत किया।
श्वेता राय ने घर बनाने चला जब... गीत से सबको मुग्ध कर दिया। दयाशंकर कुशवाहा ने गीत-नजरें जो पड़े दिल पिघले...सुनकर काव्य गोष्ठी को ऊंचाई दी। सभा के उपाध्यक्ष इन्द्र कुमार दीक्षित ने रचना- का बतलाइ गावंन के का हाल भयल बा... प्रस्तुत कर सबका ध्यान आकर्षित किया। अध्यक्षता कर रहे बद्री प्रसाद वर्मा ने रचना- जब दिल तुम्हारा हमसे भर जाए....सुनाई। संचालन कर रहे गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय ने नशा उतरा तो पता चला... हास्य गीत सुनाकर सबको लोटपोट कर दिया। इसके अलावा लालता चौधरी, रमेश सिंह, नीरजा सिंह, पार्वती देवी गौरा, गजलकार अंजलि अरोड़ा, गीतकार सौदागर सिंह, सच्चिदानंद, सबेरा, नित्यानंद आनन्द, रंजीता श्रीवास्तव, एमपी गोंड, कीर्ति त्रिपाठी, सुनीता सिंह तोमर, विनोद अग्रवाल, फिगार देवरियावी आदि ने अपनी रचना प्रस्तुत की। इस माह के कवि के रूप में श्वेता राय को अंगवस्त्र देकर सभा के मंत्री डॉ. त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बद्री प्रसाद वर्मा, जगदीश उपाध्याय, सरोज कुमार पाण्डेय ने सम्मानित किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर मंत्री डा. अनिल कुमार त्रिपाठी, सरोज पाण्डेय और पूर्व मंत्री इंद्र कुमार दीक्षित ने किया I अंत में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुधाकर तिवारी की माता के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर गतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस अवसर पर रवींद्र नाथ तिवारी, हरेंद्र शुक्ल, मार्कण्डेय मिश्र, पूर्व सभासद सुबाष राय, अरुण कुमार श्रीवास्तव, सुनीता राय आदि उपस्थित रहीं।
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