
मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी की होगी सुविधा, मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर
Deoria News - महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी की सुविधा जल्द शुरू होगी। इससे ज्वाइंटपेन, नस से संबंधित मरीजों और दिव्यांगों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में मरीज निजी सेंटरों का सहारा लेते हैं, जिससे आर्थिक परेशानी होती है। फरवरी के अंत तक फिजियोथेरेपी केंद्र का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। अभी यह व्यवस्था नहीं होने से ज्वाइंटपेन, नस से संबंधित मरीजों, दिव्यांगों, मनबुद्धि बच्चों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके लिए उन्हें निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू होने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी। फिजियोथेरेपी केंद्र के फरवरी माह के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। ठंड में नस तथा जोड़ों के दर्द के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है, जबकि पैरलासिस से लोग पीड़ित होते हैं।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के आर्थों विभाग में हर रोज करीब चार सौ मरीजों का इलाज होता है। इसमें हड्डी टूटने तथा कमर, घुटन, एड़ी, गर्दन दर्द, सर्वाइकल से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक होती है, वहीं मेडिसिन विभाग में भी जोड़ों के दर्द तथा पैरलासिस के मरीज आते हैं। इन मरीजों को दवा के साथ फिजियोथेरेपी की भी जरूरत होती है। हर रोज करीब 40 से 50 मरीजों को आवश्यकता होती है। डॉक्टर कुछ व्यायाम बताते हैं और फिजियोथेरेपी की भी सलाह देते हैं, लेकिन यहां सुविधा न होने से मरीजों को भटकना पड़ता है। उन्हें मजबूरी में निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है, जहां मरीजों से हर दिन आधे से एक घंटे के लिए 400-500 रुपये शुल्क देना पड़ता है। संपन्न लोग खर्च उठा लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। उन्हें इलाज के लिए सोचने के साथ ही रुपये का इंतजाम करना पड़ता है, जिससे परेशानी होती है। प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने मरीजों की समस्या को देखते हुए फिजियोथेरेपी की सुविधा को लेकर सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, आर्थों विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी व अन्य अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र अधिकारी से बात कर फिजियोथेरेपी केंद्र के संचालन को शुरू करने को कहा। इसके बाद केंद्र को स्थापित करने की कवायद तेज कर दी गई। फरवरी माह के अंत तक केंद्र के शुरू होने की संभावना है। चिह्नित किया गया स्थान मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फिजियोथेरेपी केंद्र के लिए जगह चिह्नित कर लिया है। नए भवन के आर्थो ओपीडी के सामने 24 नंबर कमरे को केंद्र के लिए चुना गया है। यहां उपकरण लगाए जा रहे हैं। जल्द केंद्र शुरू कर दिया जाएगा। जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी केंद्र का संचालन रेडक्रास सोसाइटी द्वारा किया जा रहा था। इन मरीजों को होती है जरूरत फिजियोथेरेपी पोस्ट ट्रामा में रिहैबिलिटेशन में सहयोगी होता है। फिजियोथेरेपी की जरूरत हड्डी टूटने पर प्लास्टर कटने तथा आपरेशन के बाद ज्वाइंट खोलने के लिए पड़ती है। इसके अलावा कमर, घुटना, एड़ी, गर्दन दर्द, सर्वाइकल, पैरलासिस, चेहरे के पैरलासिस के मरीजों, खांसी, सर्दी के ज्यादा समय होने पर चेस्ट तथा हाथ की मांसपेशियों को मजबूत करने, दिव्यांग, मंदबुद्धि बच्चों, पैदा होते समय न रोने पर सेरेब्रलपालिसी से पीड़ित बच्चों आदि मरीजों को जरूरत होती है, वहीं लंबे समय से शुगर के मरीजों को न्यूरोपैथिक पेन होने पर भी फिजियोथेरेपी होती है।

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