Deoria News: देवरिया से सोनौली बार्डर तक फैला है तेल चोरों का रैकेट
Deoria News: देवरिया में बैतालपुर डिपो के बाहर तेल माफिया प्रशासन की सख्ती के बावजूद अपनी दुकान चला रहे हैं। टैंकर चालक और खलासी मिलकर एक टैंकर से 100-200 लीटर डीजल और पेट्रोल निकालते हैं और केमिकल मिलाकर अधिक तेल तैयार कर लेते हैं। यह अवैध कारोबार बलिया से सोनौली बार्डर तक फैला हुआ है।

Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। बैतालपुर डिपो के बाहर तेल माफिया प्रशासन की सख्ती के बावजूद अपनी दुकान चला रहे हैं। टैंकर चालकों व खलासी की मिलीभगत से एक-एक टैंकर से 100 से लेकर 200 लीटर तक डीजल व पेट्रोल निकालने की बात सामने आती रहती है। इतना ही नहीं, टैंकर से निकाले गए तेल में केमिकल मिलाकर पचास लीटर की जगह दो सौ लीटर तेल तैयार कर लेते हैं। बाजार भाव से कम कीमत पर माफिया लोगों को तेल मुहैया कराते हैं। इनका कारोबार बलिया से लेकर सोनौली बार्डर तक फैला हुआ है। हाल के दिनों में गौरीबाजार, रामपुर कारखाना व रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने इसका खुलासा भी किया है। बैतालपुर डिपो से देवरिया के अलावा गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बस्ती, बलिया, कुशीनगर, मऊ, आजमगढ़ व पड़ोसी देश नेपाल टैंकर से तेल भेजा जाता है। लगभग हर दिन पांच से छह सौ टैंकर तेल लेकर विभिन्न स्थानों के लिए रवाना होते हैं। डिपो के आस-पास दो दशकों से अवैध तेल का कारोबार बड़े पैमाने चला आ रहा था। कस्बा से लेकर मझना नाले तक लगभग पचास जगहों पर चहारदीवारी या मकान बनाकर बड़े-बड़े लोहे के गेट लगाए गए। जब डिपो से टैंकर निकलते थे तो सेटिंग से उन्हें सीधे गेट के अंदर खड़ा करा दिया जाता था और उसमें से तेल निकाल दिया जाता था। प्रशासन कई बार सख्त हुआ और बड़ी कार्रवाईयां की तो इस पर कुछ हद तक लगाम लग गया है। लेकिन टैंकर चालक अब सूनसान जगह पर टैंकर खड़ा कर तेल निकाल लेते हैं। इसके अलावा टैंकरों में अलग चैंबर भी बना कर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं。
चंद मिनट में खोल देते हैं लाक
टैंकर चालक हर गुण में माहिर होते हैं। टैंकर में डिपो से मजबूत लाक लगाया जाता है, ताकि कोई उसे खोल न पाए और तेल चोरी न कर पाए, लेकिन चालक व उसके खलासी चंद मिनट में ही जुगाड़ के जरिये हौजपाइप का वाल्ब खोल देते हैं और लाक भी सुरक्षित रह जाता है। उसे खोलने में उन्हें मात्र पांच से सात मिनट का समय लगता है और दस मिनट तेल निकालने में। तेल निकलने के चंद मिनट बाद ही वह टैंकर लेकर अपने गन्तव्य को रवाना हो जाते हैं। इन गिरोह में शामिल माफिया करोड़ पति हो चुके हैं।


