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मेडिकल कॉलेज में रही भीड़, घंटों करना पड़ा इंतजार

मेडिकल कॉलेज में रही भीड़, घंटों करना पड़ा इंतजार

संक्षेप:

Deoria News - महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को चार हजार से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। श्वास, बीपी, शुगर, चेस्टपेन जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक थी। मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी हुई। डिजिटल एक्स-रे मशीनों की कमी के कारण भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

Jan 29, 2026 02:42 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। बुधवार को करीब चार हजार लोग इलाज कराने पहुंचे थे। हर जगह लोगों को इंतजार करना पड़ा। श्वास, बीपी, शुगर, चेस्टपेन, नस, पेट व सिर दर्द, त्वचा, कान, गले की बीमारी से पीड़ित मरीज अधिक रहे। आर्थो, मेडिसिन, ईएनटी, पल्मोनरी मेडिसिन, स्किन, सर्जरी में मरीजों की कतार रही। पहले डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। वहीं बाल रोग व नेत्र रोग में भी अधिक मरीज रहे। एक्स-रे सेंटर मरीजों की भीड़ रही। दवा और पैथालाजी रजिस्ट्रेशर काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों को इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी हुई।

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मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ी। शहर से लेकर ग्रामीणांचल के अलावा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग पहुंचे थे। सुबह नौ बजे से लोग कतार में लग गए। 11 बजे तक लाइन लंबी हो गई, जो दोपहर बाद तक रही। करीब 2400 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, वहीं फालोअप में भी मरीज पहुंचे थे। आर्थों में भीड़ अधिक रही। यहां करीब 500 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें कमर, घुटना, गर्दन दर्द, सर्वाइकल, नस की बीमारी से पीड़ित मरीज अधिक रहे। मेडिसिन में लंबी कतार रही। यहां करीब 450 मरीज पहुंचे थे। चेस्टपेन की शिकायत लेकर करीब 10 मरीज पहुंचे थे। इसके अलावा सांस फूलने, बुखार, पेट व सिर दर्द, बीपी, शुगर के मरीज अधिक रहे। पल्मोनरी मेडिसिन में भी कतार रही। श्वास, एलर्जी, अस्थमा के अधिक मरीज रहे। यहां 150 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। ईएनटी में करीब 165 से अधिक मरीज पहुंचे थे। इसमें कान में खुजली, दर्द, सनसनाहट, कम सुनाई देने, गले में खरास से पीड़ित मरीज रहे। स्किन में कतार लंबी रही। करीब 300 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें दाद, खुजली, दाने निकलने के पीड़ित मरीज अधिक रहे। सर्जरी में भी भीड़ रही। यहां 155 मरीजों का उपचार हुआ। इसमें हेड इंजरी, हार्निया, पथरी सहित अन्य मरीज रहे। नेत्र रोग में करीब 410 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें आंख में खुजली, पानी आना, दर्द, चुभन, लालीपन व मोतियाबिंद से पीड़ित रहे। बाल रोग में करीब 110 से अधिक मरीज रहे। इसमें बुखार, सर्दी, खांसी, पेट दर्द, उल्टी व दस्त से पीड़ित मरीज रहे। मानसिक रोग में करीब 150 मरीज पहुंचे थे। डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर सुबह से लम्बी कतार रही। करीब 200 से अधिक मरीजों की जांच हुई। मरीजों व तीमारदारों को डेढ़ से दो घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें परेशानी हुई। देर से पहुंचे करीब 20 से 25 लोग भीड़ व लंबी लाइन देख बिना जांच कराए वापस हो गए। दवा और पैथालाजी ब्लड काउंटर व कलेक्शन सेंटर पर भी भीड़ से मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत हुई। एक प्रिंटर से जुड़ीं दो मशीनें मेडिकल कॉलेज में फिल्म की कमी से एक डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद पड़ी थी, जिससे मरीजों को दिक्कत हो रही थी। अब दोनों डिजिटल एक्स-रे मशीन से जांच शुरू कर दी गई है। एक प्रिंटर से दोनों मशीनों को जोड़ दिया गया है। जांच के बाद मरीजों को फिल्म दी जा रही है। ओपीडी में एक्स- रे व ओपीजी जांच शुरु मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग के पास पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से जांच शुरू कर दी गई। साथ ही दांत रोग से पीड़ित मरीजों के जबड़े की ओपीजी जांच अब चालू कर दी गई है। एक कंपनी का फिल्म समाप्त होने के कारण दोनों मशीन बंद पड़ी थी। दांत के मरीजों को निजी क्लीनिक पर जांच करानी पड़ रही थी, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा था।