मेडिकल कॉलेज में आंख के रोग व बुखार से पीड़ित बढ़े, मरीजों को करना पड़ा इंतजार मेडिकल कॉलेज में आंख के रोग

Apr 09, 2026 02:02 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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Deoria News - महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। नेत्र रोग और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी। आर्थो, मेडिसिन, स्किन, ईएनटी और बाल रोग विभाग में लंबी कतारें देखने को मिलीं। 2000 से अधिक लोगों ने पर्चा लिया, जिसमें गंभीर मरीज भी शामिल थे।

मेडिकल कॉलेज में आंख के रोग व बुखार से पीड़ित बढ़े, मरीजों को करना पड़ा इंतजार मेडिकल कॉलेज में आंख के रोग

देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भीड़ उमड़ी। नेत्र रोग और बुखार से पीड़ित बढ़े हैं। इसके अलावा नस, जोड़ों के दर्द, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कान, श्वास, त्वचा रोग से पीड़ितों की संख्या अधिक रही। आर्थो, मेडिसिन, स्किन, ईएनटी, नेत्र विभाग में लंबी कतार रही। बाल रोग, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में भी मरीज अधिक रहे। पहले डॉक्टर को दिखाने को लेकर धुक्का-मुक्की भी हुई। एक्स-रे और दवा के लिए मरीजों मशक्कत करनी पड़ी। एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा, जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। शहर से लेकर ग्रामीणांचल तथा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग पहुंचे थे।

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से ही लाइन लगने लगी। करीब 2000 से अधिक लोगों ने पर्चा लिया, जबकि फालोअप में भी बारह सौ से अधिक लोग पहुंचे थे। नेत्र विभाग के बाहर मरीजों की भीड़ रही । करीब 300 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। इसमें आंख से पानी आने, खुजली, लालीपन, दर्द, चुभन व मोतियाबिंद से पीड़ित अधिक मरीज रहे। इसके अलाा पर्दा की जांच कराने मरीज भी रहे। मरीजों को प्रतीक्षा करना पड़ा। आर्थों में अधिक भीड़ रही। यहां करीब 525 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। इसमें जोड़ों के दर्द, गर्दन दर्द, सर्वाइकल व हड्डी रोग से पीड़ित मरीज रहे। मेडिसिन में लंबी कतार रही। यहां करीब 350 से अधिक मरीज पहुंचे थे। इसमें बुखार, सांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त, पेट व सिर दर्द, बीपी, शुगर के अधिक मरीज रहे। लोगों को इंतजार करना पड़ा। स्किन विभाग के दोनों डॉक्टर कक्ष के बाहर लंबी कतार रही। करीब 280 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें दिनाय, खुजली, दाने निकलने के पीड़ित मरीज अधिक रहे।बाल रोग विभाग में भीड़ रही। बीमार बच्चों को लेकर लोग पहुंचे थे। इसमें बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी, पेट दर्द, श्वास, उल्टी-दस्त से पीड़ित अधिक मरीज रहे। करीब 170 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ। गंभीर 10 मरीजों को भर्ती किया गया। ईएनटी में कान में खुजली, दर्द, सनसनाहट, कम सुनाई देने, गले की बीमारी से पीड़ित अधिक मरीज रहे। यहां करीब 150 से अधिक मरीज पहुंचे थे। पल्मोनरी मेडिसिन में भी लाइन रही। यहां 150 से अधिक मरीज पहुंचे थे। इसमें श्वास, खांसी, एलर्जी, अस्थमा के अधिक मरीज रहे। सर्जरी में 130 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें हेड इंजरी, पथरी, हार्निया सहित अन्य मरीज रहे। मानसिक रोग में 95 मरीजों का उपचार हुआ। इसमें माइग्रेन, अनिद्रा, साइकोसिस, तनाव सहित अन्य दिक्कत लेकर लोग पहुंचे थे। दंत विभाग में 75 मरीज पहुंचे थे। ईसीजी के लिए लंबी लाइन रही। यहां 70 से अधिक लोगों की जांच हुई। ओपीडी के पोर्टेबल एक्स-रे कक्ष के बाहर कतार रही, वहीं डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर सुबह से लंबी लाइन रही। करीब 160 से अधिक मरीजों की जांच हुई। यहां मरीजों व तीमारदारों के बीच नोंकझोक भी हुई। दवा लेने के लिए मरीजों व तीमारदारों को इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें परेशानी हुई।

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