मौसम का कहर, खरीफ फसलों की बुवाई पर असर

हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया में लगातार मौसम के कहर से खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसान धान की नर्सरी बचाने के लिए हर दूसरे दिन सिंचाई कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी से बुवाई में देरी हो रही है। कृषि विभाग ने 1.64 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है, लेकिन सूखे की आशंका बढ़ रही है।

मौसम का कहर, खरीफ फसलों की बुवाई पर असर

देवरिया, निज संवाददाता। लगातार मौसम का कहर जारी रहने से खरीफ फसलों की बुवाई पर असर पड़ने लगा है। मानसून नहीं आने से खरीफ फसलों पर संकट मड़राने लगा हैं, इससे रबका घट सकता है। प्रचंड गर्मी की मार से किसान धान की नर्सरी बचाने में जुटे हैं। इसके लिए वह हर दूसरे दिन सिंचाई कर रहे हैं। मौसम का तीखी रूप देख किसान अभी मोटे अनाज, दलहनी, तिलहनी की बुवाई करने से परहेज कर रहे हैं। कृषि विभाग ने जिले में खरीफ में 1.64 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है। इसमें 1.36 लाख हेक्टेयर में धान तथा शेष क्षेत्रफल में मोटे अनाज, दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती की तैयारी हैं। लेकिन पिछले तीन सप्ताह से तीखी धूप व प्रचंड गर्मी का कहर जारी है। इससे खेत की नमी गायब हो गयी है। किसान धान की नर्सरी बचाने को उसकी हर दूसरे दिन सिंचाई कर रहे हैं। अब-तक धान की नर्सरी की 8 से 10 बार सिंचाई हो चुकी है। जिनकी नर्सरी तैयारी हो गयी है वह भी रोपाई करने को बारिश का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि इस मौसम में पंपसेट से पानी चलाकर धान की रोपाई करने के कुछ दिनों बाद ही सूख जायेगा。

किसानों को जून ने दिया दगा, जुलाई में बारिश की उम्मीद

पिछले साल अप्रैल और मई महीने में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन इस साल अप्रैल में 6.6 एमएम और मई महीने में 144.4 एमएम बरसात रिकार्ड किया गया है। जून महीने में औसत 159.10 एमएम बारिश होना चाहिए, लेकिन पिछले साल 21.6 एमएम बारिश हुई। इस साल जून के शुरूआत में एक-दो दिन ही बारिश हुई है, लेकिन ऐन वक्त पर मौसम दगा दे दिया है। किसानों को जुलाई महीने में बरसात होने की उम्मीद है।

सूखे की आशंका, दलहनी, तिलहनी का मिल रहा मिनी किट

सूखे की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग मुफ्त किसानों में 50 फीसदी अनुदान व दलहनी, तिलहनी का मिनी किट मुफ्त उपलब्ध करा रहा है। जिससे किसान खेत खाली न रखे और मोटे अनाज, दलहनी, तिलहनी की बुवाई करें। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष सुपर अलनिनों के प्रभाव से वर्षा की स्थिति असामान्य या कम रहने की संभावना है। किसानों को मानसून को ध्यान में रख बुवाई को फसलों का चयन करने की सलाह दी है। उन्हे कम पानी वाली फसलों का चयन करने, जहां पानी नहीं लगता है उन खेतों में धान की दलहन, तिलहन की फसलों की बुवाई करने को कहा गया है। जिले के सभी ब्लाकों के राजकीय कृषि बीज भण्डारों पर दलहनी फसल में उर्द 7 कु., अरहर 62.50 कु., तिलहनी फसल में मूंगफली 740 कु. तथा तिल 13 कु. बीज 50% अनुदान पर उपलब्ध है। दलहनी फसल में मूंग का 1 कु., अरहर 39.64 कु., तिलहनी फसल में मूंगफली 20 कु., तिल 12 कु. मिनी किट के रूप में उपलब्ध है।

अभी तक बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं। वह बरसात होने की उम्मीद लगाये हैं। बरसात कम होने की उम्मीद में जिन किसानों ने 10 बीघा का धान का बेहन गिराया है, अगर हप्ता- दस दि तक बारिश नहीं हुई तो वह सूखे जैसे हालात में पंपसेट से पानी चलाकर फसल तैयार करने को 2-बीघा ही बुवाई करेंगे। पूंजी अधिक लगने से किसान मौसम का रूख देख ही फसलों की बुवाई करेंगे। इससे खरीफ का रबका घट सकता है।

अजीत सिंह, कृषि विशेषज्ञ

खरीफ में कटान रोकने को नहरों पर पुलिस करेगी पेट्रोलिंग

अधिशासी अभियंता सिंचाई द्वारा जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के संज्ञान ने लाया गया है कि जनपद के कुछ स्थानों पर नहरों की अवैध कटिंग, मिट्टी का बांध बनाकर पानी रोकने तथा रेगुलेटर एवं फाटकों से छेड़छाड़ की जा रही है। जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है और किसानों में समान रूप से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रही है। जिलाधिकारी हुल्गी ने क्षेत्रीय पुलिस को नियमित पेट्रोलिंग एवं सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वर्षा की कमी एवं सूखे की चुनौतीपूर्ण स्थिति में प्रत्येक किसान को समान रूप से सिंचाई का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन के साथ किसानों की सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने जनपद के सभी किसानों एवं आमजन से अपील की कि नहरों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं।

अनुदान व मिनी किट बीज को किसान कृषि विभाग की वेवसाइट पर जोतबही के अनुसार दलहन, तिलहन बीजों की बुकिग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद ब्लाक के राजकीय कृषि बीज भण्डार से पास मशीन पर अगूठा लगा कर बीज प्राप्त कर लें। पानी लगने पर जमीन में धान की सीधी बुआई करें। किसान खेत को कदापि खाली न रखें।

उदय शंकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी, देवरिया

सामान्य प्रश्न

किसानों को बारिश की कितनी उम्मीद है?
किसानों को जुलाई महीने में बरसात होने की उम्मीद है।
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