बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास

हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया, निज संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को

बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास

देवरिया, निज संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय में बाल श्रम उन्मूलन विषयक जागरूकता गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें व्यापार मंडल के पदाधिकारी, प्रतिष्ठान एवं कारखाना स्वामी, ग्राम प्रधान, बेसिक शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, एएचटीयू तथा उद्योग विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

ऐसी गोष्ठी के उद्देश्य

सहायक श्रम आयुक्त स्कन्द कुमार मिश्र ने बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास अथवा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनपद की दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों तथा ग्राम पंचायत भवनों पर बाल श्रम अपराध है संबंधी संदेश अंकित कराया जाए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़ सके।

बाल श्रम के दुष्परिणाम

उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए अभिशाप है। बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि कलम और किताब होनी चाहिए। बाल श्रमिकों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना श्रम विभाग की प्राथमिकता है। साथ ही उनके परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए कन्या विवाह सहायता, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन सहायता, अटल आवासीय विद्यालय, निर्माण कामगार दिव्यांगता सहायता तथा गंभीर बीमारी सहायता सहित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

व्यापारियों से अपील

गोष्ठी में व्यापारियों, प्रतिष्ठान स्वामियों, दुकानदारों एवं फैक्ट्री संचालकों से अपील की गई कि वे 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को कार्य पर न रखें तथा 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को किसी भी खतरनाक कार्य या प्रक्रिया में नियोजित न करें। उन्होंने बताया कि बाल श्रम कराना गंभीर दंडनीय अपराध है। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना श्रम विभाग को अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें। गोष्ठी में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी देव मुनि वर्मा, चाइल्ड केयर की सावित्री राय, प्रदेश मंत्री व्यापार मंडल पुरुषोत्तम मद्धेशिया, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल नरेश कुमार अग्रवाल, सुबोध जायसवाल, अमरेंद्र सिंह, राजेंद्र मौर्य सहित श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाल श्रम को लेकर कानूनी कार्रवाई क्या है?
बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास अथवा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
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