
शराब तस्करों ने बदला ट्रेंड, अब ट्रेन से शराब तस्करी
Deoria News - देवरिया, निज संवाददाता। यूपी से बिहार में शराब तस्करी बढ़ गई है। सड़क मार्ग
देवरिया, निज संवाददाता। यूपी से बिहार में शराब तस्करी बढ़ गई है। सड़क मार्ग पर पुलिस की सख्ती बढ़ी तो इन दिनों ट्रेन के रास्ते तस्कर शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे हैं। आए दिन रेलवे स्टेशनों से पकड़ी जा रही शराब की खेप इसकी पुष्टि कर रही है। जीआरपी की सख्ती के बाद भी ट्रेन से शराब तस्करी नहीं रुक रही है। आसानी से बैग में भर कर बिहार में शराब की खेप तस्कर पहुंचा दे रहे हैं। पहले बिहार से यूपी में शराब की तस्करी होती थी, क्योंकि बिहार के शराब की कीमत यूपी की शराब से कम हुआ करती थी, लेकिन 2016 अप्रैल माह में बिहार सरकार ने शराब बेचने व पीने पर रोक लगा दिया और बंदी के बाद यूपी के रास्ते बिहार में शराब की खेप पहुंचने लगी।
सड़क पर पुलिस की सख्ती बढ़ी तो अब शराब तस्कर ट्रेन को तस्करी के लिए सबसे महफूज मान लिए हैं। शराब तस्कर बैग में भरकर ट्रेन में रख देते हैं और आसानी से गन्तव्य तक शराब की खेप पहुंच जाती है। अगर बैग पुलिस पकड़ती है तो अधिकांश अपना बैग न होने का बात कहने लगते हैं और आसानी से बच जाते हैं। हाल के दिनों में जीआरपी की कार्रवाई 1 जनवरी को सदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से जीआरपी ने एक युवक को 42 शीशी देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। वह सिवान जनपद के लखनऊरा गांव रहने वाला था। इसी तरह 8 जनवरी को जीआरपी ने सदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से एक युवक को 40 शीशी देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया। वह सारण बिहार के बनियापुर का रहने वाला था। जबकि भटनी जीआरपी ने भटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से एक युवक को 32 शीशी अंग्रेजी शराब के साथ 30 जनवरी को गिरफ्तार किया। यह तो एक बानगी मात्र है। आए दिन ट्रेन के रास्ते बिहार में शराब की खेप पहुंच रही है।

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