Hindi NewsUttar-pradesh NewsDeoria NewsImproved Blood Testing Facilities at Maharshi Devarha Baba Medical College
वार्ड में भर्ती मरीज के ब्लड जांच के लिए तीमारदारों को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

वार्ड में भर्ती मरीज के ब्लड जांच के लिए तीमारदारों को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

संक्षेप:

Deoria News - महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए ब्लड जांच की सुविधा में सुधार किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. रजनी के निर्देशन में, मरीजों और तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। पैथालाजी जांच के लिए एक नई योजना बनाई गई है, जिससे सभी प्रक्रियाएं आसान और सुविधाजनक होंगी।

Nov 04, 2025 10:38 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
share Share
Follow Us on

देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में वार्डों में भर्ती मरीजों के ब्लड जांच में आसानी के लिए योजना बनाई गई। इसे अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत पैथालाजी जांच के लिए तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं कर्मियों के उपलब्ध होने पर राउंड के बाद एमपीडब्ल्यू से सेम्पल भेजने की योजना बनाई गई है। वहीं तीमारदारों को चक्कर नहीं लगाना होगा। कलेक्शन सेंटर पर सेम्पल जमा करने के लिए एक बार ही जाना होगा। इससे मरीजों व तीमारदारों को सहूलियत होगी। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इसमें मेडिसिन, सर्जरी आर्थो के मेल व फीमेल और नेत्र रोग, ईएनटी मेल के अलावा अन्य वार्ड तथा महिला अस्पताल में भी विभिन्न वार्ड स्थापित किए गए हैं। कुल करीब साढ़े चार बेड हैं। चिकित्सक राउंड में मरीजों की जांच के बाद पैथालाजी जांच कराने को लिखते हैं। इसके लिए मरीज व तीमारदार को वार्ड से स्लिप लेकर ग्राउंड फ्लोर पर जाना पड़ता है, जहां बिलिंग कराने के बाद रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वायल लेकर वार्ड में आना पड़ता है, जहां से सेम्पल लेकर पैथालाजी के कलेक्शन सेंटर में जमा करना पड़ता है, जिसके साथ कोई नहीं होता उन मरीजों को खुद जाना पड़ता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। इस समस्या को प्राचार्य डॉ. रजनी ने गंभीरता से लिया। सीएमएस, पैथालाजी के नोडल व अन्य चिकित्सकों से बात कर योजना बनाने का निर्देश दिया। इसे लेकर सीएमएस ने सभी वार्डों के इंचार्ज को निर्देश दिया है। इसके तहत वार्डों में सभी तरह के वायल उपलब्ध रहेंगे। मरीज के भर्ती होने और चिकित्सक के राउंड लेने के बाद स्टाफ नर्स की जिम्मेदारी होगी कि वह मरीज के ब्लड का सेम्पल लेगी। इसके बाद स्लिप के साथ सेम्पल को लेकर तीमारदार बिलिंग कराने के बाद रजिस्ट्रेशन कराकर जमा करना होगा। यह व्यवस्था जल्द शुरू हो जाएगी। इससे तीमारदारों को सहूलियत होगी। वहीं एमपीडब्ल्यू के उपलब्ध होने पर तीमारदार को भी नहीं जाना होगा। चिकित्सक के राउंड के बाद स्टाफ नर्स के ब्लड सेम्पल लेने के बाद उसे एकत्र कर एमपीडब्ल्यू सभी प्रक्रिया पूरी कर सेम्पल को जमा करेगा। मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. रजनी के निर्देशन में मरीजों व तीमारदारों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लड सेम्पल कलेक्शन के लिए योजना बनाई गई है। इसको लेकर संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। इससे मरीज व तीमारदार को परेशान नहीं होना पड़ेगा, उन्हें सहूलियत होगी। डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस