Deoria News: पुट्पर्ति नाग पद्ममिनी को नागरी रत्न, सुरेंद्र वाजपेई नागरी भूषण व सर्वेश तिवारी नागरी श्री
Deoria News: देवरिया में हिन्दी दिवस पर नागरी प्रचारिणी सभा ने साहित्यकारों को सम्मानित किया। तेलंगाना के पुट्पर्ति नाग पद्ममिनी, वाराणसी के सुरेंद्र वाजपेई और गोपालगंज के सर्वेश तिवारी को विशेष सम्मान मिले। कार्यक्रम में सभी को प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार दिया गया।
Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। हिन्दी दिवस पर नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा नामचीन साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही कई दिनों तक चली प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र दिया गया। तेलंगाना के हैदराबाद के हिन्दी प्रचारक पुट्पर्ति नाग पद्ममिनी को सभा के अध्यक्ष डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी व समिति के सदस्यों ने नागरी रत्न सम्मान से अलंकृत किया। प्रशस्ति पत्र का वाचन डॉ. मधुसूदन मणि त्रिपाठी ने किया। इसके बाद वाराणसी के उपन्यासकार सुरेंद्र वाजपेई को नागरी भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया। उनके प्रशस्ति पत्र का वाचन इंद्र कुमार दीक्षित ने किया। बिहार के गोपालगंज से आए कवि सर्वेश तिवारी को नागरी श्री सम्मान से सम्मानित किया। प्रशस्ति पत्र का वाचन ब्रजेश पाण्डेय संयुक्त मंत्री ने किया। सभी को उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं साल के साथ क्रमश: 11 हजार, सात हजार व पांच हजार रुपये नकद प्रदान किया गया。
सम्मानित साहित्यकारों के विचार
नागरी रत्न से अलंकृत पुट्पर्ति नाग पद्ममिनी ने कहा कि मेरे पिताजी कहा करते थे तुम जितनी भाषा सीखोगी तुम्हारा ह्रदय उतना ही विशाल होगा। उन्होंने बहुत पहले कहा तेलुगू के साथ हिन्दी में भी काम करो, क्योंकि हिन्दी विश्व भाषा बनने जा रही है। उन्होंने अपने पिता द्वारा तेलुगू में रचित शिव तांडव का तेलुगू तथा हिन्दी दोनों भाषाओं में ओज पूर्ण वाचन कर सबको भाव विह्वल कर दिया।
कार्यक्रम की सार्थकता
नागरी भूषण सम्मान से सम्मानित सुरेन्द्र वाजपेई ने कहा हिन्दी की साधना दो अर्थों में होती है पहला साधक और दूसरा सेवी के रुप में। हिन्दी के विकास के लिए प्रत्येक क्षेत्र में मन से परिश्रम करना पड़ेगा। नागरी श्री से सम्मानित सर्वेश तिवारी श्रीमुख ने अपनी बात कविता में कहा कि जब समाज में मर्यादा के वस्त्र उतारे जाएंगे, द्रोण, भीष्म भी छल से मारे जाएंगे। सभा के नए आजीवन सदस्य अमित कुमार त्रिपाठी, राम मनोहर मिश्र मिहिर, अमित कुमार अग्रवाल, प्रभाकर मिश्र, रंजीता श्रीवास्तव, बद्री प्रसाद वर्मा अनजान, जितेन्द्र सिंह, कालिंदी बृजेश त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, राकेश मिश्रा, गिरिजेश पति त्रिपाठी, अजय कुमार उपाध्याय, अमित कुमार सिंह को प्रमाण पत्र दिया गया और शपथ दिलाई गई। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों को पुस्तक एवं प्रमाण पत्र अतिथियों ने दिया। संचालन रविकांत मणि त्रिपाठी ने किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन तथा राष्ट्र गीत के साथ हुआ। सरस्वती वंदना अंजलि अरोड़ा खुशबू और स्वागत गीत दयाशंकर कुशवाहा ने प्रस्तुत किया। इस दौरान संयोजक डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, दिनेश कुमार त्रिपाठी, रविंद्रनाथ तिवारी, संजय कुमार राव, जय प्रकाश मणि त्रिपाठी, डॉ. रमाकांत कुशवाहा, डॉ. शकुंतला दीक्षित, सौदागर सिंह, पुरुषोत्तम मरोदिया, वृद्धिचंद्र विश्वकर्मा, डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी, जगदीश उपाध्याय, डॉ. मधुसूदन मिश्र, रमेश चन्द्र त्रिपाठी, अशोक दीक्षित, कौशल कुमार मिश्र आदि उपस्थित रहे।


