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स्वास्थ्य मंत्री ने पीएचसी का भूमि पूजन कर स्वास्थ्य केंद्र की रखी आधारशिला

हिन्दुस्तान टीम,देवरियाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:30 AM
स्वास्थ्य मंत्री ने पीएचसी का भूमि पूजन कर स्वास्थ्य केंद्र की रखी आधारशिला

भलुअनी/देवरिया। हिन्दुस्तान टीम

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने बुधवार को जिले का दौरा किया। उन्होंने भलुअनी विकास क्षेत्र के बहोर धनौती गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य का शिलान्यास किया। उनके साथ कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी थे। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्था व टीकाकरण की जानकारी ली। तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में की जा रही तैयारियों के बारे में जाना।

स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह हेलीकाप्टर से चीनी मिल ग्राउंड में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से वह निरीक्षण भवन में थोड़ी देर विश्राम करने के बाद जिला अस्पताल के निरीक्षण को पहुंचे। अस्पताल में बने पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मरीजों से स्वास्थ्य व इलाज के बारे में जानकारी ली। मौके पर मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आलोक पांडेय से कहा कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। साथ ही मरीजों को समुचित सुविधायें प्रदान करें। इसके बाद मंत्री ने अस्पताल में बने टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। वहां मौजूद डॉ आरके श्रीवास्तव से टीकाकरण के बावत जानकारी ली। टीकाकरण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने का निर्देश दिया।

जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री का काफिला भलुअनी ब्लॉक के बहोर धनौती गांव की ओर रवाना हो गया। वहां पर गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रामानुज त्रिपाठी की पत्नी मरजादी देवी देवी की स्मृति में प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमिपूजन किया। वहीं एक शिलालेख का भी अनावरण किया। इस दौरान पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। इसके बाद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के साथ पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पीएचसी के निर्माण की घोषणा अपने दौरे में की थी। भूमिपूजन में बरहज के विधायक सुरेश तिवारी भी मौजूद रहे।

भूमिपूजन कर स्वास्थ्यमंत्री वापस जिला मुख्यालय लौट आये और सीधे नगरपालिका परिषद कार्यालय के परिसर में रिक्शा ठेला पटरी व्यवसायी के लिए बने टीकाकरण केंद्र पर पहुंचे। यहां फीता काटकर उन्होंने कोरोनारोधी टीकाकरण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री एक-एक बिंदु की बारीकी से समीक्षा के साथ ही एक एक जनता की जान बचाने की चिंता की है। शासन, प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के टीम भाव के कार्यों से इसमें सफलता मिली। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। इससे हमें सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही सभी से स्वयं वैक्सीन लगवाने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने वैक्सीनेशन को कोरोना से बचाव का सर्वोत्तम उपाय बताया।

भूमि पूजन समारोह में गन्ना विकास संस्थान के उपाध्यक्ष नीरज शाही, बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह, दीपक शाका, अंगद तिवारी, नरेंद्र मिश्र, प्रमोद सिंह, गंगा शरण पांडेय, प्रदीप तिवारी, संजय सिंह, ओम प्रकाश मिश्र, अखिलेश तिवारी, ग्राम प्रधान रामकृपाल सोनकर, दीनानाथ तिवारी, रामकृपाल शर्मा, दिनेश मणि पूर्व ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र मौजूद रहे।

जिला प्रशासन से जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस अधीक्षक डा श्रीपति मिश्र,एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, सीएमओ डा आलोक पांडेय, उप जिलाधिकारी बरहज संजीव कुमार यादव, रुद्रपुर संजीव उपाध्याय, सदर एसडीएम सौरभ सिंह, डीपीआरओ आनंद प्रकाश,जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल आदि मौजूद रहे।

आनन फानन भरी गई सड़क

भलुअनी संवाद के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री के बहोर धनौती में भूमिपूजन के कार्यक्रम की जानकारी के बाद भलुअनी पीएचसी के उबड़ खाबड़ रास्ते को आनन फानन मिट्टी और राबिश गिराकर भर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को आशंका थी कि कहीं मंत्री अचानक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने न पहुंच जायें।

बोले मंत्री : बेहतर प्रबंधन से जल्द नियंत्रित हुआ कोरोना

चिकित्सा व स्वास्थ्यमंत्री जय प्रताप सिंह ने विकास भवन के गांधी सभागार में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में किए गए कार्यों व टीकाकरण पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि कोविड में मुख्यमंत्री के प्रयासों व बेहतर प्रबंधन की वजह से इतनी जल्दी नियंत्रण हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में 50 बेड का पीआईसीयू वार्ड और प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी पर 10 बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य केद्रों पर सामान्य ओपीडी शुरू कर मरीज देखे जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे बडे 24000 हजार स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी। प्रदेश में छ: हजार चिकित्सकों की कमी है। इसको भरा जायेगा। फिलहाल आयुष डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि 16 जनवरी से अब तक 2.54 लाख टीके लगाये जा चुके हैं। इसे एक करोड़ प्रतिमाह किया जा रहा है। बाद में बढ़ाकर सितंबर तक 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य है। 97000 ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिकल किट का वितरण किया जा रहा है। इसमें 18 साल तक के बच्चों को चार श्रेणियों में बांटकर मेडिकल किट दी जायेगी।

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