
बाल विवाह: सख्ती पर, कार्रवाई से विभाग कर रहा परहेज
संक्षेप: Deoria News - देवरिया में बाल विवाह को रोकने के लिए सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं। हाल ही में जिले में बाल विवाह कराने वाला रैकेट सक्रिय हो गया है। 20 दिनों में तीन मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। इससे रैकेट से जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
देवरिया, निज संवाददाता। बाल विवाह को लेकर सरकार सख्त है। बाल विवाह रोकने के लिए तरह-तरह की योजनाएं संचालित हो रही है। हाल के दिनों में जिले में भी बाल विवाह कराने वाला रैकेट सक्रिय हो गया है। 20 दिनों में जिले में तीन मामले आए। चाइल्ड लाइन समेत अन्य टीमें सक्रिय भी हुई, लेकिन दो मामलों में कोई कार्रवाई तक नहीं की गई। पुलिस ने भी कार्रवाई की तो, शांतिभंग में रैकेट के दलालों का चालान कर दिया। कार्रवाई न होने के चलते इससे जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। जिले में गरीब बालिकाओं के परिजनों को झांसा देकर शादी कराने वाला गिरोह का एक लंबा रैकेट है, जो हरियाणा, राजस्थान समेत विभिन्न प्रदेशों में फैला हुआ है।

यह बेटियों की अच्छी शादी कराने का झांसा देते हैं और फिर लड़के पक्ष से मुंह मांगी रकम लेकर अधेड़ से भी शादी करा देते हैं। गरीब परिवार के लोग बेटियों को अच्छा घर मिलने के चलते बाल विवाह से भी परहेज नहीं करते और विरोध करने की बजाय शादी कर देते हैं। हाल के दिनों में जिले में इस तरह के मामले बढ़े हैं। 20 दिन बघौचघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की शादी अपहरण कराकर हरियाणा में करा दी गई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीन नवंबर को भटनी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 13 वर्षीय बालिका की शादी अधेड़ के साथ भटनी के जलपा माई मंदिर में कराई जा रही थी। लोगों की सक्रियता से यह शादी रोक दी गई। पुलिस ने दलाल समेत दो लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने उसे छोड़ दिया गया। दो दिन पहले शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली बालिका की शादी पानीपत के रहने वाला एक दलाल पानीपत के अधेड़ के साथ करा रहा था। एक छात्रा की सक्रियता से यह शादी रुक गई और दलाल पकड़ लिया गया। कोतवाली पुलिस ने दलाल पर कार्रवाई करने की बजाय शांतिभंग में चालान कर दिया। खास बात यह है कि जिम्मेदार इस मामले में कोई गंभीर धारा में कार्रवाई करने की बजाय उन्हें छोड़ते रहे। दलालों के छोड़े जाने के चलते उनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। पहले भी आ चुके हैं इस तरह के मामले जिले में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले जुलाई 2021 में भटनी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी का 2.60 लाख रुपये में सौदा कर एक बुजुर्ग से शादी करा दी गई। किशोरी भाग कर एसपी कार्यालय पहुंची तो पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसी तरह मई 2023 में लार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 12 वर्ष की बालिका का सलेमपुर कोतवाली के नवलपुर चौराहे पर एक बुजुर्ग से शादी कराई गई और बुजुर्ग उसे लेकर चला गया। इस मामले में लार पुलिस ने केस दर्ज किया और गिरोह में शामिल आरोपियों को जेल भेजा। जबकि जुलाई 2024 में रेलवे स्टेशन रोड से दो युवतियों की शादी राजस्थान में एक साल पहले दलाल के माध्यम से कराई गई थी। दोनों युवतियों करीब एक माह रहने के बाद किसी तरह भाग कर आई तो पता चला कि उनका सौदा 60- 60 हजार रुपये में किया गया था। वहीं 2025 में रुद्रपुर मंदिर में बाल विवाह की सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे रोक दिया। बाल विवाह की घटनाओं को हमारी टीम ने रोका है। बालिकाओं की काउंसलिंग की गई है। लड़की पक्ष की तरफ से कार्रवाई के लिए कोई तहरीर नहीं मिली। इसलिए इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस को अपनी तरफ से कार्रवाई करनी चाहिए। अनिल कुमार सोनकर जिला प्रोबेशन अधिकारी, देवरिया

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