पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका खारिज, रिमांड पर फैसला आज
Deoria News - देवरिया जेल में धोखाधड़ी के मामले में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को जमानत नहीं मिली। सीजेएम न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि रिमांड पर सुनवाई बुधवार को होगी। पूर्व आईपीएस ने 1999 में पत्नी के नाम पर भूमि खरीदी थी, जिसमें धोखाधड़ी का आरोप है।

देवरिया, निज संवाददाता। देवरिया जेल में धोखाधड़ी के मामले में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सीजेएम न्यायालय से राहत नहीं मिली। जमानत याचिका व रिमांड पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दिया, जबकि रिमांड पर बुधवार को फैसला आएगा। सुनवाई के दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी न्यायालय में मौजूद रहे। सुरक्षा की कमान सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी व कोतवाल विनोद कुमार सिंह संभाल रहे थे। लखनऊ के गोमतीनगर के विराम खंड निवासी अमिताभ ठाकुर ने 1999 में देवरिया में एसपी रहने के दौरान पत्नी नूतन के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट खरीदा था।
प्लाट खरीदने के दौरान नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी व पति का नाम अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात लिखा गया। सितंबर 2025 में इस मामले में लखनऊ के ताल कटोरा थाने में केस दर्ज हुआ था। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। बाद में इस मामले में देवरिया सदर कोतवाली में भी केस दर्ज हो गया। 10 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से वह जेल भेज दिए गए। अमिताभ ठाकुर की जमानत के लिए अधिवक्ता प्रवीन दुबे व अभिषेक शर्मा की तरफ से याचिका दायर की गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जेल से सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। लगभग तीन घंटे तक जमानत व रिमांड पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष लगातार रिमांड पर चर्चा करते हुए रिमांड खारिज करने तथा जमानत देने की मांग करता रहा। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी। जबकि बुधवार को रिमांड पर फैसला आएगा। अब जमानत के लिए जिला जज के यहां याचिका दाखिल करनी होगी।
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