अंधेरे में सरयू नदी में खनन, तटवर्ती गांवों को खतरा
Deoria News - भागलपुर (देवरिया) में बाढ़ विभाग द्वारा 330 मीटर स्लीपिंग कार्य किया जा रहा है, जबकि पुल के पास रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन हो रहा है। खनन से सरयू नदी का डेंजर जोन और खतरनाक हो गया है। प्रशासन की चुप्पी से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

भागलपुर(देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। भागलपुर कस्बे को बाढ़ से बचाने को बाढ़ विभाग द्वारा 330 मीटर स्लीपिंग का कार्य करने के लिए पत्थर गिर रहा हैं,वहीं दूसरी तरफ पुल के पास रात के अंधेरे में अबैध रूप से मिट्टी खनन हो रहा है। यह खनन शाम ढ़लने से लेकर तड़के तीन-चार बजे तक हो रहा है। खनन करने वाले चन्द पैसों के लालच में सरयू नदी के डेंजर जोन को और डेंजर बना रहे हैं। एक दशक से भागलपुर देवसिया छितूपुर को कटान से बचाने को अभी तक 45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। 2012-13 में भागलपुर मईल मार्ग बंधे को बचाने को तीन करोड़ से तीन स्पर का निर्माण कराया गया।
2014-15 में देवसिया गांव के पश्चिम चार करोड़ से 200 मीटर बोल्डर, लांचिंग,पीचिंग, कटर निर्माण कराया गया, 2018-19 देवसिया गाँव मे दक्षिण चार करोड से दो स्पर, 2023-24 मे देवसिया गांव के पश्चिम 10 करोड, भागलपुर कस्बे के पश्चिम 9 करोड़ की लागत से 300 मीटर बोल्डर लांचिंग, पीचिंग का कार्य व 2025 में भागलपुर से देवसिया तक 11 करोड़ की लागत से 500 मीटर कटर बना व देवसिया गांव के दक्षिण स्पर के पास 1.5 करोड से परक्यूपाइन डाला गया, इसके बावजूद भी सरयू कटान कर रही है। सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्र में बाढ क्षेत्र होने के चलते प्रशासन द्वारा डेंजर जोन घोषित है, इसके बावजूद इस क्षेत्र में खनन हो रहा है। पुलिस व प्रशासन भी इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है।
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