आग की भेंट चढ़ गई फसल, कोई सर्वे करने भी नहीं पहुंचा
Deoria News - बरहज (देवरिया) के किसान आग से प्रभावित हुए हैं, लेकिन न तो कोई अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि उनकी मदद के लिए पहुंचे हैं। किसान सरकारी सर्वे को केवल खानापूर्ति मानते हैं और मुआवजे की चिंता कर रहे हैं। उनकी फसलें जल गई हैं और भविष्य को लेकर चिंता में हैं।

बरहज(देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। आग के कहर से तबाह हुए तमाम किसान ऐसे हैं, जिनके गांव में उनकी व्यथा पूछने अभी तक न अफसर पहुंचे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। ऐसे किसान सरकारी सर्वे को भी सिर्फ खानापूर्ति मानते हैं। उनका कहना है कि जब कोई आया ही नहीं, कोई जानकारी ही नहीं ली तो फिर किस बात का सर्वे और कैसा सर्वे। यह पीड़ा तहसील क्षेत्र के धनौती और भुलईपुर के अग्नि प्रभावित किसानों की है। किसान बोलेकितना नुकसान हुआ जब कोई पूछे तब तो बताएं। न अधिकारी पूछने आ रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। आखिर अपना दर्द किसे बताएं।
सुनाई पड़ता है कि लिखा-पढ़ी हो रही है। मगर कहां हो रही है, कौन कर रहा है, कुछ नहीं पता।रमाशंकर यादव किसान धनौतीसुनने में आया है कि तहसील से लेखपाल आये थे, लेकिन हम लोगों से नहीं मिले। दो बीघा गेहूं की फसल जल गई है। पता नहीं लेखपाल साहब ने कितना सर्वे किया है। सुनने में आया है कि सर्वे हो रहा है। मगर कहां हो रहा है कुछ पता नहीं है। पता नहीं मुआवजा मिलेगा भी या नहीं।सावित्री देवी किसान भुलइपुर।तीन बीघा गेहूं की फसल जली है। अभी तक एक कि रुपये की राहत नहीं मिली है। छह महीने की कमाई खेत मे राख हो गई है। सर्वे तो हुआ लेकिन राहत कब मिलेगी पता नहीं। कोई सुनने वाला नहीं है। भविष्य की चिंता सता रही है। तहसील के कर्मचारी मनमानी कर रहे है।सुमेश्वर मिश्र, किसान भुलइपुर।अब खेती रिस्क का सौदा होती जा रही है। अक्सर गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जा रही है। इस साल भी फसल जल गई। एक एकड़ फसल जल गई। थोड़ी सी फसल बची है। पूरे साल का खर्च कैसे चलेगा इसकी चिंता सता रही है।कमलेश मिश्र किसान भुलइपुर।
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