पकड़ा गया फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, दर्ज होगा केस
Deoria News - सलेमपुर तहसील क्षेत्र में आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। तहसीलदार की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है। एक व्यक्ति फरार हो गया है जो प्रमाण पत्र बनवाने में शामिल था।

सलेमपुर(देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। जिले के सलेमपुर तहसील क्षेत्र में आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवा लिया गया। तहसीलदार की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया। एसडीएम ने मामले में दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है। उधर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाला एक व्यक्ति भी तहसील छोड़कर फरार हो गया है। भटनी थाना क्षेत्र के ग्राम मिश्रौली दीक्षित निवासी आदित्य कुमार दीक्षित पुत्र प्रमोद दीक्षित ने एक सप्ताह पहले ईडब्लूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेखपाल नीतेश चौबे से मुलाकात की। लेखपाल ने जांच के बाद ही रिपोर्ट लगाने की बात कही तो आदित्य ने 1 मई 2025 में बनाए गए प्रमाण पत्र को साक्ष्य के रूप में दिखा दिया।
जांच प्रक्रिया
प्रमाण पत्र लेखपाल को संदिग्ध लगा, इसके बाद उसने तहसीलदार से मुलाकात की तो तहसीलदार का हस्ताक्षर भी सही नहीं पाया गया। इतना ही नहीं जो उस पर क्रमांक संख्या पड़ा था, वह भी गलत प्रतीत होने लगा। जिस पर एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार अलका सिंह को सौंप दी। जांच में पता चला कि न तो उस पर संबंधित कानूनगो का हस्ताक्षर सही है और न ही तहसीलदार की। इसके अलावा कानूनगो जयनाथ गुप्ता थे, जबकि हस्ताक्षर में अशोक कुमार का नाम लिखा है। जांच में पता चला कि तहसील कैंपस में घूमने वाला एक व्यक्ति कमलेश कुमार द्वारा यह प्रमाण पत्र बनवाया गया है। जांच शुरू होने के बाद से वह भी फरार हो गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र की पुष्टि
फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। तहसीलदार की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। संबंधित के विरुद्ध केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम, सलेमपुर।
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