64 मुसहरों को बांटा गया आवासीय पट्टे का स्वीकृति पत्र
देवरिया के पथरदेवा ब्लॉक के मलवाबर बनरही में चौपाल का आयोजन किया गया। डीएम दिव्या मित्तल ने मुसहर समुदाय की समस्याएं सुनीं और आवासीय पट्टे के 64 स्वीकृति पत्र वितरित किए। ग्रामीणों ने जलापूर्ति और आधार कार्ड की समस्याएं भी उठाईं। डीएम ने समाधान का आश्वासन दिया।

देवरिया,हिन्दुस्तान टीम पथरदेवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत मलवाबर बनरही में गुरुवार को चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान डीएम दिव्या मित्तल व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने मुसहर समुदाय की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान का निर्देश दिया। चौपाल में 64 मुसहरों को आवासीय पट्टे का स्वीकृति पत्र वितरित किया गया।कंपोजिट विद्यालय मलवाबर बनरही पर आयोजित चौपाल की शुरुआत छात्राओं की सरस्वती वंदना से हुआ। डीएम ने कहा कि जो लोग अभी तक सरकारी योजनाओं से वंचित हैं, उनके लिए जल्द ही विशेष कैंप लगाकर आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए जाएंगे। सभी पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक मुसहर बस्ती के 74 परिवारों के सदस्यों का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। इस पर डीएम ने अधिकारियों को कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाने को निर्देश दिया। डीएम ने 64 मुसहरों को आवासीय पट्टे का स्वीकृति पत्र वितरित किया।इनमें मलवाबर के 39, आनंद नगर के 19 व सुंदरपुर गांव के 6 लाभार्थी शामिल रहे। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के मलवाबर बनरही में पांच और आनंदनगर में 13 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिया गया। इस दौरान तहसीलदार के.के. मिश्रा, बीडीओ दीपक कुमार, बीईओ पंकज कुमार सिंह, ग्राम प्रधान सुरेश प्रसाद, एडीओ पंचायत रविंद्र प्रसाद, प्रधान रामविलास यादव, रामायण साहनी व शशि भूषण तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।ग्रामीणों ने जलापूर्ति की समस्या को उठायाचौपाल में ग्रामीणों ने पानी टंकी से आपूर्ति नहीं होने की समस्या से डीएम को अवगत कराया। ग्राम प्रधान सुरेश प्रसाद व ग्रामीण शशिभूषण तिवारी ने कहा कि गांव में करीब तीन करोड़ की लागत से पानी टंकी बनी है, लेकिन आज तक इससे जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। इस पर डीएम ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।डीएम से मुसहर बस्ती का निरीक्षण करने को अनुरोधचौपाल में मुसहर महिलाओं ने डीएम दिव्या मित्तल से अपनी दर्जन भर समस्याएं गिनाईं। रंभा देवी, कुशिया, इमरती व सावित्री ने बताया कि उनकी बस्ती में पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। इससे बरसात के दिनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस्ती के आस-पास सफाई नहीं होने से सर्प, बिच्छू आदि का हमेशा डर बना रहता है। मुसहर टोली में एक भी इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं है। मजबूरी में लोगों को साधारण नल का जल पीना पड़ता है। महिलाओं ने डीएम से बस्ती का निरीक्षण करने का अनुरोध किया। इस पर डीएम ने समयाभाव के कारण अगली बार बस्ती में पहुंचने का आश्वासन दिया।
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