देवरिया की चार सीएचसी पर खुलेगा डायलिसिस सेंटर
Deoria News - देवरिया जिले में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सलेमपुर, लार, रूद्रपुर, गौरी बाजार में डायलिसिस सेंटर खोलने का प्रस्ताव भेजा है। किडनी रोग से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

देवरिया, निज संवाददाता। जिले की चार सीएचसी पर डायलिसिस सेंटर खुलेगा। इससे मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सलेमपुर, लार, रूद्रपुर, गौरी बाजार में डायलिसिस सेंटर खोलने का प्रस्ताव भेजा। मरीजों के अधिक दबाव वाले सेंटरों पर डायलिसिस सेंटर खुलेगा। बाहर से डायलिसिस कराने पर मरीजों काफी आर्थिक बोझ पड़ता है। जिले की 35 लाख से अधिक आबादी होने के चलते विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों की भीड़ मेडिकल कालेज से लेकर सीएचसी, पीएचसी पर उमड़ती है। इसमें किडनी रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। विभिन्न कारणों से किडनी फेल होती है। इसके लिए मरीज का डायलिसिस कराना पड़ता है। मरीज की स्थिति के अनुसार सप्ताह मे क से लेकर तीन बार तक डायलिसिस कराने की जरूरत पड़ती है।
डायलिसिस की आर्थिक स्थिति
प्राईवेट में एक बार डायलिसिस कराने का खर्च चार से 6 हजार रूपये तक पड़ता है। मध्यम व गरीब तबके के मरीजों को प्राईवेट में डायलिसिस कराने का खर्च उठाना काफी मुश्किल होता है। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डायलिसिस सेंटर खोला जायेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सलेमपुर, लार रूद्रपुर, गौरी बाजार में डायलिसिस सेंटर खोलने का प्रस्ताव शासन अप्रैल माह में भेजा है। मरीजों के अधिक दबाव वाले सीएचसी पर डायलिसिस सेंटर खुलेगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद उक्त सीएचसी पर डायलिसिस सेंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। हालांकि जगह के अभाव में पथरदेवा सीएचसी का प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की पहल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा, किडनी फेल वाले मरीजों को पास में डायलिसिस की सुविधा मिले इसके लिए जिले के चार सीएचसी पर डायलिसिस सेंटर खोलने को पिछले माह शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद सेंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी।
मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस सेंटर
किडनी के मरीजों का डायलिसिस करने को जनवरी-21 में मेडिकल कालेज में 10 बेड का डायलिसिस सेंटर खोला गया। इससे मरीजों को जिला स्तर पर ही मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलने लगी। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड की संख्या बढ़ाकर 18 किया गया। इसमें 15 बेड सामान्य किडनी के मरीजों तथा तीन बेड हेपेटाइटिस से पीड़ितों के रिजर्ब किया गया। इसके बाद भी मरीजों की संख्या बढ़ने पर कई डायलिसिस कराने को इंतजार करना पड़ता है।
किडनी फेल होने के कारण
विभिन्न कारणों से फेल होती है किडनी
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के फिजीशियन डा. विजय गुप्ता के अनुसार क्रोनिक किडनी फेल की समस्या आने पर डायलिसिस कराना पड़ता है। इसके अलावा जहर खाने से किडनी फेल होने, अत्यधिक दस्त होने, इन्फेक्शन तथा हेपेटाइटिस के गंभीर मरीजों की किडनी फेल होने पर मरीज की स्थिति के अनुसार सप्ताह में एक से तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती है। हालत में सुधार होने पर कुछ मरीजों को पखवारे भर में एक बार डायलिसिस होता है।
सामान्य प्रश्न
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