मेडिकल कॉलेज में मरीजों की रही भीड़, हुई नोकझोंक
Deoria News - देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। बुधवार

देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। बुधवार को साढ़े तीन हजार से अधिक लोग पहुंचे थे। मरीजों व तीमारदारों को इलाज से लेकर जांच व दवा के इंतजार करना पड़ा। त्वचा, बुखार, पेट दर्द, उल्टी, नस, जोड़ों के दर्द, कान, श्वास व आंख के रोग से पीड़ितों की संख्या अधिक रही। आर्थो, मेडिसिन, स्किन, ईएनटी, नेत्र, बाल रोग में कतार रही। पल्मोनरी मेडिसिन, मानसिक रोग विभाग में भी अधिक मरीज रहे। बिना नंबर से डॉक्टर कक्ष में जाने से रोकने पर गार्ड से तीमारदार भिड़ गया। वहीं धुक्का-मुक्की हुई। एक्स-रे सेंटर पर मरीज व तीमारदार आपस में उलझ गए। लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। दवा काउंटर पर लोगों को इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी हुई।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़
मेडिकल कॉलेज में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तथा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग पहुंचे थे। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से लाइन लगने लगी। करीब 2100 से अधिक लोगों ने पर्चा लिया, जबकि फालोअप में भी पंद्रह सौ से अधिक लोग पहुंचे थे। आर्थों में अधिक भीड़ रही। यहां करीब 461 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। इसमें घुटना, कमर, गर्दन दर्द, सर्वाइकल व हड्डी रोग से पीड़ित मरीज रहे। मेडिसिन में लंबी कतार रही। यहां 370 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। चेस्टपेन की शिकायत लेकर करीब दस लोग पहुंचे थे। इसके अलावा बुखार, सर्दी, उल्टी, दस्त, पेट व सिर दर्द, बीपी, शुगर के अधिक मरीज रहे। लोगों को देर तक इंतजार करना पड़ा। बगल से बिना नंबर अंदर जाने से रोकने पर तीमारदार गार्ड से उलझ गया। समझा कर मामला शांत कराया गया।
विभागों में मरीजों की संख्या
नेत्र रोग विभाग में भी भीड़ रही। यहां करीब 277 मरीज पहुंचे थे। इसमें आंख में खुजली, पानी, दर्द, चुभन, लालीपन के अधिक मरीज रहे। स्किन विभाग में करीब 250 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें दिनाय, खुजली, दाने निकलने के पीड़ित मरीज अधिक रहे। बाल रोग विभाग में कतार रही। यहां 200 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ। इसमें बुखार, खांसी, पेट दर्द, श्वास, उल्टी, दस्त से पीड़ित अधिक मरीज रहे। गंभीर करीब 14 मरीजों को भर्ती किया गया। ईएनटी में कान में खुजली, दर्द, सनसनाहट, कम सुनाई देने, गले की बीमारी से पीड़ित अधिक मरीज रहे। यहां करीब 168 से अधिक मरीज पहुंचे थे।
सर्जरी और अन्य विभागों में मरीज
सर्जरी में 135 मरीजों का इलाज हुआ। इसमें हेड इंजरी, पथरी, हार्निया सहित अन्य मरीज रहे। पल्मोनरी मेडिसिन में भी लाइन रही। यहां 140 से अधिक मरीज पहुंचे थे। इसमें श्वास, खांसी, एलर्जी, अस्थमा के अधिक मरीज रहे। मानसिक रोग में 100 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ। इसमें माइग्रेन, अनिद्रा, साइकोसिस, तनाव सहित अन्य दिक्कत लेकर लोग पहुंचे थे। दंत में 70 मरीजों का इलाज हुआ। एक्स-रे सेंटर पर मरीजों की लंबी कतार सुबह से रही। देर से पहुंचे करीब बीस लोग भीड़ देख कर लौट गए।
सीटी स्कैन में एक व्यक्ति उलझा
- मेडिकल कॉलेज के सीटी स्कैन सेंटर में एक मरीज को लेकर पहुंचा एक व्यक्ति पहले जांच करने को लेकर उलझ गया। कर्मियों के कुछ देर रुकने की बात कहने पर नाराज हो गया और अपने को मजिस्ट्रेट बता धौंस जमाने लगा। इसकी वजह से कुछ देर तक कार्य बाधित रहा, वहीं अन्य मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
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