जिला कारागार में तीन करोड़ का जैमर बना शो-पीस
Deoria News - देवरिया जेल की सुरक्षा में खामी सामने आई है। यहां 3 करोड़ की लागत से लगाए गए जैमर केवल 2जी नेटवर्क रोकने में सक्षम हैं, जबकि 5जी नेटवर्क काम कर रहा है। 2017 से 2023 के बीच जेल से 60 से अधिक मोबाइल बरामद हुए हैं। जेल प्रशासन ने जैमर की क्षमता बढ़ाने के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा है, लेकिन यह अभी तक अपडेट नहीं हुआ।

देवरिया, निज संवाददाता। देवरिया जेल की गिनती प्रदेश की हाईप्रोफाइल जेलों में होती रही है। इस जेल की सुरक्षा के लिए तीन करोड़ की लागत से जैमर तो लगा, लेकिन जैमर की क्षमता टूजी नेटवर्क रोकने की होने के चलते वह शो-पीस बन कर रह गया है। कई बर जेल प्रशासन ने इसे अपडेट करने के लिए पत्राचार तो किया, लेकिन आज तक उसे अपडेट नहीं किया गया है। देवरिया जेल में देवरिया के अलावा कुशीनगर जिले के भी बंदी बंद होते हैं। वर्ष 2017 में इस जेल में माफिया अतीक अहमद समेत कई शातिर अपराधियों को शिफ्ट किया गया तो इस जेल की सुरक्षा को लेकर शासन भी गंभीर हो गया।
चंद दिनों बाद ही तीन करोड़ की लागत से छह मोबाइल जैमर लगा दिए गए, लेकिन जैमर की क्षमता केवल टू-जी नेटवर्क रोकने की है, जबकि जिले में इन दिनों फाइवजी नेटवर्क संचालित हो रहे हैं। लोग जेल के पास खड़ा होकर भी मोबाइल पर बात करते हैं और यह जैमर मोबाइल नेटवर्क नहीं रोक पाता है। यही कारण है कि 2017 से 2023 के बीच इस जेल से 60 से अधिक मोबाइल बरामद किए गए। कई मामलों में केस भी दर्ज किया गया, लेकिन शो-पीस बने मोबाइल जैमर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। वर्तमान में इस जेल में यूपी के पूर्व चर्चित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर भी धोखाधड़ी के मामले में बंद हैं। जेल प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि जेल में लगे जैमर की क्षमता बढ़ाने के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा गया है, लेकिन अभी तक जेल के जैमर को अपडेट नहीं किया गया है। एक बार फिर रिमाइंडर जल्द ही भेजा जाएगा।
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