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असाक्षरों को चिन्हित करने में नौ विकास खण्ड हैं फिसड्डी

असाक्षरों को चिन्हित करने में नौ विकास खण्ड हैं फिसड्डी

संक्षेप:

Deoria News - देवरिया में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों का चिन्हाकन करने में नौ विकास खण्ड असफल रहे हैं। शिक्षामित्रों द्वारा लक्ष्य का 50 फीसदी भी पूरा नहीं किया गया। बीएसए ने 15 जनवरी तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 2025-26 तक 19089 असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य है।

Jan 08, 2026 09:29 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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देवरिया, निज संवाददाता नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षकों का उल्लास एप पर चिन्हाकन करने में नौ विकास खण्ड फिसड्डी हैं। इनमें कई विकास खण्डों में सर्वेयर के रूप में नामित शिक्षामित्रों द्वारा लक्ष्य के 50 फीसदी भी चिन्हाकन कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका है। ऐसे में बीएसए 15 जनवरी तक लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ें निर्देश दिए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम वर्ष 2022- 23 से शुरू किया गया है। इसके पहले 2021- 22 में यह योजना पढ़ना- लिखना अभियान के नाम से संचालित होती थी।

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अभियान के तहत वर्ष 2025- 26 में 19089 हजार असाक्षरों को चिन्हित कर उन्हे साक्षर बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत दिसम्बर माह तक 12,380 असाक्षरों को साक्षर बनाए जाने के लिए चिन्हित किया जा चुका है। इनमें विभिन्न नौ विकास खण्डों की प्रगति बेहद खराब हैं। इनमें कई विकास खण्डों के शिक्षामित्रों द्वारा लक्ष्य के 50 फीसदी भी चिन्हाकन कार्य नहीं किया गया है। जिन विकास खण्डों की प्रगति बेहद खराब है उसमें देवरिया एवं बरहज नगर क्षेत्र, सलेमपुर, देवरिया सदर, बरहज, भटनी, रुद्रपुर, तरकुलवा एवं बैतालपुर विकास खण्ड शामिल है। इनमें दोनों नगर क्षेत्रों की प्रगति आठ फीसदी से भी कम है। वहीं सलेमपुर, देवरिया सदर, बरहज व भटनी की प्रगति 50 फीसदी से भी कम है। असाक्षरों को कराया जाएगा अक्षर व संख्या का ज्ञान नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत के चिन्हित किए जाने वाले असाक्षरों का विवरण उल्लास एप्प पर भरा जाएगा। जिसके बाद वालंटियर असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए उन्हे संख्या व अक्षर का ज्ञान कराएंगे और उसके बाद परिषदीय विद्यालयों में उनकी परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसमें पास होने वाले वालों को नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) द्वारा प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।