शादी में सिलेंडर को डीएसओ ऑफिस पर उमड़ी भीड़
Deoria News - देवरिया में शादी और तिलक के लिए सिलेंडर की मांग बढ़ने से डीएसओ कार्यालय पर भीड़ लग गई। लोग शादी के कार्ड के साथ सिलेंडर की प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। गैस की किल्लत के कारण शादी के लिए सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। कामर्शियल कनेक्शन में भी कमी के चलते मजदूरों का भोजन बनाना भी कठिन हो गया है।
देवरिया, निज संवाददाता। शादी, तिलक में सिलेंडर को सोमवार को डीएसओ ऑफिस पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शादी के कार्ड के साथ सैकड़ों लोगों ने प्रार्थना पत्र देकर सिलेंडर की मांग की। भीड़ को संभालने को आफिस के गेट पर पुलिसकर्मियों और दो पूर्ति निरीक्षकों को लगाया गया था। सिलेंडर का आवेदन देने को लोगों की लंबी कतार लगी रही। डीएसओ कक्ष में जाने को धक्का मुक्की और नोंक-झोंक भी हुई। शासन द्वारा शादी, तिलक में सिलेंडर देने को कोई विकल्प नहीं होने से आपूर्ति विभाग भी वेबस है। शादी, तिलक 15 अप्रैल से शुरू होने वाला है। जिनके घर शादी है वह सबसे अधिक गैस सिलेंडर को परेशान हैं।
सैकड़ों लोगों के लिए भोजन बनाने को सिलेंडर की जरूरत पड़ेगी। लेकिन गैस की किल्लत के चलते सिलेंडर का इंतजाम काफी मुश्किल हो गया है। शादी, तिलक नजदीक आने पर लोग सिलेंडर को परेशान हैं। पहले लोग अगल-बगल व परिचित लोगों से सिलेंडर मांग लेते थे, लेकिन अब सभी लोग अपने लिए रिजर्ब रखे हैं और वह सिलेंडर देने से परहेज कर रहे हैं। इससे समस्या काफी गंभीर हो गयी है। सोमवार को शादी, तिलक में सिलेंडर की मांग को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी शादी, तिलक के कार्ड के साथ सिलेंडर की मांग को प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने पर होमगार्ड जवानों को बुलाना पड़ा और डीएसओ कक्ष के बाहर दो पूर्ति निरीक्षकों को तैनात किया गया। उन्हे लोगों को लाइन में लगाने में पसीने छूट गये। कक्ष का दरवाजा खुलते ही अंदर जाने को लोगों में धक्का-मुक्की व नोक-झोंक भी हुई। बरहज के गोविंद, पहाड़पुर के सुरेन्द्र, नई खास के जितेन्द्र चौहान समेत दर्जनों लोग लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।जिले में है महज 1800 कामर्शियल कनेक्शनजिले में तीनों कंपनियों की कुल 78 गैस एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों पर 1800 कामर्शियल गैस का कनेक्शन हैं। लेकिन जब से गैस की किल्लत शुरू हुई सबसे पहले कामर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति रोक दी गयी। मिठाई दुकानदार, कैटर्स, होटल,रेस्टोरेंट वालों ने कामर्शियल का कनेक्शन लिया है। लेकिन जब गैस की कमी नहीं थी तो वह भी बहुत कम कामर्शियल सिलेंडर उठान करते थे। लेकिन जब से गैस का संकट हुआ है वह कामर्शियल के लिए भी गैस एजेंसी से लेकर डीएसओ आफिस का चक्कर लगा रहे हैं। इसके लिए भी डीएसओ आफिस में आवेदन देना पड़ रहा है और एक साल में उठान का 50 फीसदी ही सिलेंडर दिया जा रहा है।सिलेंडर के अभाव में उद्योगों के मजदूरों का भोजन बनना हुआ मुश्किलसिलेंडर के अभाव में पुरवा और उसरा बाजार के औद्योगिक क्षेत्र में लगे उद्योगों के मजदूरों का भोजन बनना मुश्किल हो गया है। कई उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के खाने, रहने का इंतजाम फैक्ट्री मालिक द्वारा किया जाता है। लेकिन गैस की किल्लत के चलते मजदूरों के लिए भोजन बनाने का संकट खड़ा हो गया है। मजदूर घर वापस न जाय इसके लिए फैक्ट्री मालिक सिलेंडर को अफसरों, डीएसओ आफिस का चक्कर लगा रहे हैं।शादी, तिलक को सिलेंडर उपलब्ध कराने का कोई कोटा निर्धारित नहीं किया गया है। जब से ओटीपी आधारित सिलेंडर डिलेवरी की व्यवस्था शुरू हुई स्थिति और विकट हो गयी है। एजेंसियों को आखिर किसके नाम पर गैस देने को निर्देशित किया जाय। लगन को देखते हुए सैकड़ों लोग शादी के कार्ड के साथ सिलेंडर की मांग कर चुके हैं। कनेक्शन लेने पर उपलब्धता के आधार पर कामर्शियल सिलेंडर दिया जाएगा।संजय कुमार पाण्डेय, जिला पूर्ति अधिकारी।
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