सीजेएम ने विवेचक पर कार्रवाई के लिए एसपी को लिखा पत्र
Deoria News - देवरिया में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने आईटी एक्ट मामले में आरोप पत्र दाखिल करने में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की। कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश देते हुए एसपी को पत्र लिखा। न्यायिक प्रक्रिया में देरी और अभियुक्त के अधिकारों पर प्रभाव को लेकर कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की।

देवरिया, विधि संवाददाता। बनकटा थाने में दर्ज आईटी एक्ट के मामले में 60 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल करने में लापरवाही तथा पैरोकार के माध्यम से रिमांड प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। साथ ही एसपी को विवेचक/ प्रभारी निरीक्षक लार राकेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है।मामले की सुनवाई के दौरान नियत अवधि के अंदर आरोप पत्र चार्जशीट दाखिल करने में हुई देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संबंधित विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
कोर्ट ने पाया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया, जिससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई, बल्कि अभियुक्त और पीड़ित के अधिकारों पर असर पड़ा। इस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए सीजेएम ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और विवेचक / प्रभारी निरीक्षक लार के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आपराधिक मामलों में समयबद्ध विवेचना और आरोप पत्र दाखिल करना आवश्यक है, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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