Deoria News: निबंधन ऑफिस के रिकॉर्ड रूम में प्राइवेट कर्मी का सिक्का!
Deoria News: देवरिया, सदर तहसील के निबंधन ऑफिस में प्राइवेट कर्मचारी की चर्चा है, जिसने रिकॉर्ड रूम में कई वर्षों से सिक्का जमा रखा है। उसकी वजह से कई बड़े अधिकारियों की जांच भी निष्प्रभावी हुई है। हाल ही में एक कर्मी का घूस लेने का वीडियो वायरल हुआ, परंतु प्राइवेट कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। सदर तहसील के निबंधन ऑफिस के रिकॉर्ड रूम में प्राइवेट कर्मी का सिक्का चलने की चर्चा है। रजिस्ट्री ऑफिस में डेढ़ दशक से अधिक समय से प्राइवेट कर्मचारी जमा हुआ है। ऑफिस के रिकॉर्ड रूम में संवेदनशील अभिलेख, फाइलों तक प्राइवेट कर्मी की पहुंच रहती है। कई एआईजी, रजिस्ट्रार आए और चले गए, लेकिन प्राइवेट कर्मचारी आफिस में जमा है। प्राइवेट कर्मचारी की विशेष रूचि रिकॉर्ड रूम की फाइलों में रहती है। रिकॉर्ड रूम में प्राइवेट कर्मी का वीडियो वायरल होने, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गयी हैं। डीएम, एसडीएम की औचक जांच में भी प्राइवेट कर्मी पकड़ा नहीं गया है।
जनपद की जानकारी
जनपद का सबसे बड़ा सदर तहसील हैं। इसमें आधा दर्जन से अधिक विकास खण्ड और एक नगर पालिका तथा सात नगर पंचातयें हैं। सभी पांचों तहसीलों में सबसे अधिक रजिस्ट्री सदर तहसील में होती हैं। इससे निबंधन विभाग को स्टैम्प व रजिस्ट्री शुल्क भी सर्वाधिक मिलता है। लेकिन पिछले कुछ माह से सदर तहसील का निबंधन आफिस विभिन्न कारणों से काफी चर्चा में हैं। निबंधन कार्यालय में होने वाली रजिस्ट्री के अभिलेख,फाइलें रिकार्ड रूम में रखी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर लोग रिकार्ड रूम सें पुराने स्टाम्प निकलवाते हैं। लेकिन निबंधन आफिस के रिकार्ड रूम में सालों से एक प्राइवेट कर्मी का सिक्का चल रहा है। उसके द्वारा रजिस्ट्री के पुराने स्टाम्प व फाइलों को खंगालने व रजिस्ट्री ऑफिस में फाइल निकालने का कार्य किया जाता है। अब सवाल उठता है कि आखिर किसके आदेश से प्राईवेट कर्मी कार्यालय में जमा हुआ है। बिना अफसरों के संरक्षण के प्राईवेट कर्मी का रिकार्ड रूम तक पहुंच संभव नहीं हैं। कर्मी का रिकार्ड रूम का वायरल वीडियो, सीसी टीवी फुटेज इसकी पुष्टि करता है।
घूस का मामला
घूस लेने के वीडियो पर हटाया जा चुका है पूर्व आउटसोर्सिंग कर्मी
कुछ माह पहले सदर निबंधन कार्यालय में एक कर्मी का घूस लेने का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद पता चला कि उक्त कर्मी की कम्प्यूटर आपरेटर पद पर तैनाती आउटसोर्सिंग से एक समय के लिए की गयी थी। लेकिन समय समाप्त होने के बाद भी वह अबैध रूप से रजिस्ट्री आफिस में कार्य करता रहा। इसका खुलासा होने पर उसके कार्य करने पर रोक लगा दिया गया।


