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10 जुलाई, 2020|6:50|IST

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कोरोना की दहशत में नॉनवेज से दूर हुुुए लोग, ऐसा है कारोबार का हाल

कोरोना की दहशत से मांस-मछली का कारोबार काफी मंदा हो गया है। खाने से परहेज करने के चलते मुर्गे के रेट में 20 से 40 रुपये किलो तक गिरावट आ गयी है। इससे मटन, चिकन और बिरयानी बेचने वालों का धंधा भी चौपट हो गया है। एक सप्ताह से ग्राहकों की संख्या लगातार कम हो रही है।

पिछले महीने से चीन में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। अब तक वहां पर हजारों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं एक हजार के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी खबरे तेजी से चल रही है, कि मांस खाने के चलते चीन में यह रोग फैला है। ऐसे में लोगों से मांस, मुर्गा, मछली आदि खाने से परहेज करने की सलाह दी जा रही है। शुरू में लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन चीन में मौतों और पीड़ितों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही कोरोना वायरस को लेकर लोगों में दहशत बढ़ने लगी है। 

इस जानलेवा बीमारी से लोगों में भय व्याप्त हो गया है और इसका असर मांस-मछली के बाजार पर पड़ने लगा है। ग्राहकों के खाने से परहेज करने से एक सप्ताह से इस धंधे पर मंदी की मार पड़ने लगी है। बाजार में मांस, मुर्गा, मछली को कोरोना वायरस से जोड़कर चर्चा होने लगी है। कोरोना के दहशत का सबसे अधिक असर मुर्गे के कारोबार पर पड़ा है। बाजार में मुर्गे का मीट 20 से 40 रुपया किलो तक कम हो गया है। 

बकरे के मांस की बिक्री पर भी कोरोना का भय भारी पड़ने लगा है और इसके ग्राहकों में भी कमी आयी है। शहर के मीट, मछली मार्केट के अधिकांश कारोबारी यह मानने लगे हैं कि कोरोना के चलते उनकी बिक्री में 30 से 40 फीसदी तक कमी आई है। इस सीजन में मछली की काफी मांग रहती है। लेकिन कुछ दिनों से मांग कम होने से 350 से 400 रुपया किलो तक बिकने वाली मछली का दाम घटकर 200 से 300 रुपया किलो हो गया है।

बिरियानी बेचने वाले दुकानदारों का धंधा चौपट

कोरोना वायरस के भय ने मटन, चिकन एवं विरयानी के धंधे को चौपट सा कर दिया है। लोग होटलों मे पहले की अपेक्षा इसकी कम डिमांड कर रहे हैं। करीब एक साल से जिले में दर्जनों की संख्या में विरयानी की दुकानें खुली हैं। लेकिन एक सप्ताह से उनकी बिक्री मे काफी गिरावट आयी है।  दुकानदार शाहिद ने बताया कि पहले 10-13 किलो बिरयानी बेचते थे। लेकिन अब 4-5 किलो भी मुश्किल से बिक रहा है।  

बिना सेहत जांचे कांटी जा रही बूढ़ी, बीमार बकरियां
कोरोना वायरस के दहशत के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग नहीं जाग रहा है। जिसके चलते स्टेशन रोड स्थित मीट मार्केट में बिना स्वास्थ्य जांच के ही बकरे, बकरियां काटे जा रहे हैं। अधिक मुनाफा के चक्कर में बीमार और बूढ़ी बकरियों को काट कर बेच दिया जा रहा है। कई दुकानदार को बूढ़ी बकरियों को बकरा बताकर उसका मांस 450 रुपया किलो बेच दे रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जांच नहीं करने से इस तरह का खेल रोज हो रहा है और ग्राहक ठगी के शिकार हो रहे हैं।

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  • Web Title:Corona fear badly affected non veg business in deoria