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देवरिया में कांग्रेस को 40 साल से जीत का इंतजार, अब गठबंधन में मिला मौका

देवरिया, वाचस्पति मिश्र। कांग्रेस-सपा में गठबंधन की तस्वीर साफ होते ही यह लगभग...

देवरिया में कांग्रेस को 40 साल से जीत का इंतजार, अब गठबंधन में मिला मौका
हिन्दुस्तान टीम,देवरियाThu, 22 Feb 2024 01:15 PM
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देवरिया, वाचस्पति मिश्र।
कांग्रेस-सपा में गठबंधन की तस्वीर साफ होते ही यह लगभग यह तय हो गया है कि देवरिया सदर लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में होगी। यहां से पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी को इस सीट पर करीब 40 साल से जीत का इंतजार है। आखिरी बार 1984 में यहां से राजमंगल पाण्डेय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। उसके बाद से ही पार्टी हासिए पर है। अब गठबंधन में यह सीट मिलने से जिले के कांग्रेसियों में खुशी की लहर है। उन्हें भरोसा है कि इस बार पार्टी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए बड़ा उलट फेर करेगी।

संसदीय सीट देवरिया के लिए अब तक हुए 17 चुनावों में छह बार कांग्रेस को जीत मिली है। 1951 में पार्टी के प्रत्याशी सरयू मिश्र, 1962, 1967 और 1971 में विश्वनाथ राय, 1980 में रामायण राय और 1984 में राजमंगल पाण्डेय यहां से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए आठवें आम चुनाव में राजमंगल पाण्डेय ने करीब 55.71 फीसदी वोट हासिल करते हुए बड़ी जीत दर्ज की थी। उसके बाद किसी चुनाव में कांग्रेस न तो यह सीट जीत सकी और न ही यहां मुख्य मुकाबले में रही। कांग्रेस के अलावा अब तक यह सीट चार बार भाजपा, दो-दो बार सपा व जनता दल और एक-एक बार सोशलिस्ट पार्टी, लोकदल व बसपा के खाते में रही है।

पिछले दो चुनावों से यह सीट लगातार भाजपा के खाते में जा रही है। 2014 में कलराज मिश्र ने 51.07% मत हासिल कर कमल खिलाया था। 2019 के चुनाव में पार्टी ने उम्र के चलते उनका टिकट काट डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को यहां से मैदान में उतारा। रमापति का मुकबला सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी विनोद जायसवाल से था। माना जा रहा था कि मुकाबला कांटे का होगा लेकिन डा. रमापति राम त्रिपाठी ने 57.11 फीसदी वोट हासिल करते हुए बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें कुल 5,75,115 मत मिले। इस चुनाव में बसपा के विनोद जायसवाल को 3,28,634(32.64%) और कांग्रेस के नियाज अहमद को 50,809(5.05%) मत मिले। अब इस बार जहां भाजपा लगातार अपनी हैट्रिक बनाने को मैदान में उतरेगी वहीं कांग्रेस के सामने 40 सालों का जीत का सूखा समाप्त करने की चुनौती होगी।

बोले कांग्रेस जिलाध्यक्ष

हम लोगों के लिए सौभाग्य की बात है कि इंडिया गठबंधन की तरफ से देवरिया सीट कांग्रेस को मिली है। लोकसभा का चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ा जायेगा और इस बार केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। गठबंधन के सभी घटक दलों के छोटे, बड़े नेता और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर क्षेत्र में प्रचार किया जायेगा। सभी पूरी मेहनत करेंगे, जिससे चुनाव में सफलता मिल सके।

- रामजी गिरि, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।

2019 का परिणाम

1-डा रमापति राम त्रिपाठी, भाजपा: 575115 --57.11%

2-बिनोद जायसवाल, बसपा: 328634--32.64%

3-नियाज अहमद, कांग्रेस: 50809--5.05%

4-इसरार अहमद,भारतीय अवाम एकता पार्टी: 8071--0.80%

2014 का परिणाम

कलराज मिश्र, भाजपा: 4,96,500---51.07%

नियाज अहमद, बसपा: 2,31,114---23.77%

बालेश्वर यादव, सपा: 1,50,852---15.52%

सभाकुंवर, कांग्रेस: 37,752---3.88%

2009 का परिणाम---

गोरख प्रसाद जायसवाल, बीएसपी: 219889---30.73%

श्री प्रकाश मणि, भाजपा : 178110---24.89%

मोहन सिंह, सपा: 151389---21.16%

बालेश्वर यादव, कांग्रेस: 91488---12.79%

2004 का परिणाम----

मोहन सिंह, सपा: 237664---32.56%

श्रीप्रकाश मणि,भाजपा: 185438---25.40%

देवी प्रसाद, बसपा: 132497----18.15%

रामाशीष राय, कांग्रेस: 105188---14.40%

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