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कोरोना के तीसरे लहर की तैयारी करें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां: डीएम

हिन्दुस्तान टीम,देवरियाPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 04:20 AM
कोरोना के तीसरे लहर की तैयारी करें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां: डीएम

देवरिया। निज संवाददाता

डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि कोरोना महामारी के तीसरे लहर को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां व फ्रंट लाइन कार्यकर्ता अभी से तैयारी शुरू कर दें। वर्तमान में वैज्ञानिकों और जानकारों कोरोना महामारी के तीसरी लहर की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। इस दौरान यह भी सचेत किया जा रहा है कि आने वाली तीसरी लहर में ज्यादातर बच्चे प्रभावित होगें। इन बच्चों में भी कम इम्युनिटी वाले बच्चों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है।

डीएम ने बताया कि बच्चों के प्रतिरोधक क्षमता में विकास के लिये सतत प्रयास किया जाये। साथ ही इनके माता-पिता को अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराया जाये। ऐसे बच्चे जिनका पोषण स्तर लाल सैम मैम श्रेणी का है, उनका लाइन लिस्टिंग पहले से ही बाल विकास विभाग के पास उपलब्ध है। सबसे पहले उन बच्चों के 45 से अधिक आयुवर्ग के माता-पिता का जल्द से जल्द टीकाकरण करा लिया जाये। अन्य बच्चों के अभिभावकों का एक सप्ताह के अंदर आशा एवं आंगनबाड़ी की संयुक्त टीम से सर्वे कराकर निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध करायी जाये। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से नजदीकी सहज जन सेवा केन्द्रों पर इनका रजिस्ट्रेशन कराते हुए टीकाकरण भी कराया जाये। डीएम ने इस संबंध में निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री आशा के साथ अपने सर्वे क्षेत्र में भ्रमण करें। सभी 0 से 6 वर्ष के बच्चों का वजन, लंबाई और ग्रोथ चार्ट पर इसकी सूचना दर्ज करते हुए अतिकुपोषित (लाल श्रेणी) सैम व मैम बच्चों की सूची हो। यह टीम अतिकुपोषित (लाल श्रेणी) सैम व मैम बच्चों के परिवार में आयु 45 वर्ष से अधिक के अभिभावकों के वैक्सिनेशन के बारे में सूचना तैयार करेगी। ऐसे अभिभावक जिनका वैक्सिनेशन नहीं हुआ हो उनका रजिस्ट्रेशन नजदीकी सहज जनसेवा केन्द्र पर कराया जायेगा एवं अन्य जानकारी प्राप्त की जायेगी। अतिकुपोषित (लाल श्रेणी) सैम व मैम बच्चों के परिवार में ऐसे व्यक्ति जिनको कोविड के प्रारम्भिक लक्षण दिखाई दे रहे हों उनकी सूचना आंगनबाड़ी कार्यकत्री बनायेंगी। इसके बाद तत्काल ग्राम निगरानी समिति मुख्य सेविका व एएनएम को सूचना देंगी। उन्होंने कहा कि मुख्य सेविका तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा नियमित पर्यवेक्षण किया जायेगा। कोई भी अतिकुपोषित / कुपोषित / सैम/ मैम बच्चा पोषाहार प्राप्ति से वंचित न रहने पायें। बच्चों के चिह्नांकन के बाद आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री की संयुक्त टीम प्रत्येक 2-3 दिन के अन्तराल पर घरों का भ्रमण करते रहेंगे। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को सभी सूचनायें गूगल शीट पर उपलब्ध करायी जायेगी। इसे आंगनबाड़ी कार्यकत्री व मुख्य सेविकायें भरेंगी। प्रतिदिन जूम मिटिंग पर इसकी समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी कर्मचारी की ओर से लापरवाही पायी जाती है तो उसके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।

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