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Hindi News उत्तर प्रदेश देवरियाई-केवाईसी के अभाव में 92 हजार किसान होंगे सम्मान निधि से वंचित

ई-केवाईसी के अभाव में 92 हजार किसान होंगे सम्मान निधि से वंचित

देवरिया, निज संवाददाता। ई-केवाईसी, एनपीसीआई नहीं कराने के चलते जिले 92 हजार किसान होंगे...

ई-केवाईसी के अभाव में 92 हजार किसान होंगे सम्मान निधि से वंचित
हिन्दुस्तान टीम,देवरियाWed, 19 Jun 2024 12:45 PM
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देवरिया, निज संवाददाता। ई-केवाईसी, एनपीसीआई नहीं कराने के चलते जिले 92 हजार किसान होंगे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हो जायेंगे। इनमें से 24,442 किसानों का एनपीसीआई नहीं हुआ है, जबकि 67684 किसानों ने अपने बैंक खाते का ई-केवाईसी नहीं कराया हैं। इससे 4.11 लाख किसानों के ही खाते में सम्मान निधि की धनराशि जायेगी। मंगलवार से किसानों के खाते में धनराशि जाना शुरू हो गया।
मंगलवार को वाराणसी से शुरूआत करने के साथ ही जिले के किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि जाने लगा। साल में तीन बार किसानों के खाते में दो-दो हजार रूपया जाता है। प्रत्येक चार महीने पर पीएम सम्मान निधि की राशि किसानों के खातों में भेजी जाती है। साल में कुल 6 हजार रूपये की धनराशि लघु, मध्यम किसानों के लिए काफी मददगार साबित होती है। यह पैसा किसानों को खरीफ और रवी सीजन में खाद, बीज खरीदने तथा खेत की जुताई, सिंचाई के काम आता है। जिले में करीब 5 लाख किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। लेकिन खाता सहीं नहीं होने के चलते सभी किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलता है। हालांकि किसानों के खाते में कमियां दूर करने को ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान भी चल चुका है, लेकिन अभी करीब 92 हजार ऐसे किसान हैं जिनकों सम्मान निधि से वंचित होना पड़ेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17 वीं किस्त का लाभ जिले के 411380 किसानों को मिलेगा। इन किसानों के खाते में मंगलवार से धनराशि जाने की शुरूआत हो गयी। वहीं बार-बार निर्देश के बाद भी 67684 किसानों द्वारा अपने बैंक खाते का ई-केवाईसी नहीं कराने के चलते उन्हे सम्मान निधि से वंचित होना पड़ेगा। इसके अलावा एनपीसीआई नहीं कराने के चलते 24442 किसानों के खाते में सम्मान निधि नहीं जायेगा। इस तरह से कुल 92126 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि नहीं मिलेगा। उप कृषि निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बार-बार निर्देश के बाद भी किसानों द्वारा एनपीसीआई व ई-केवाईसी कराने में लापरवाही बरतने के चलते उन्हे सम्मान निधि से वंचित होना पड़ेगा।

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