
इस अस्पताल में डिलीवरी होती ही नहीं, फिर कैसे बनने लगे बर्थ सर्टिफिकेट? पुलिस कर रही जांच
स्वास्थ्य विभाग में जहां प्रसव होता है, उन अस्पतालों से जन्म प्रमाणपत्र सीआरएस पोर्टल से बनाए जाते हैं। देवरिया के सलेमपुर के पयासी में न्यू PHC है। वहां प्रसव तो नहीं होता है, लेकिन उस अस्पताल के नाम से एक फर्जी आईडी जनरेट कर दी गई है। इसके जरिए पोर्टल पर जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक न्यू पीएचसी के नाम पर आईडी बनाकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला प्रकाश में आया है। लखनऊ से मामला पकड़े जाने के बाद शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सलेमपुर के अधीक्षक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। हालांकि शनिवार सुबह तक इस मामले में केस दर्ज नहीं हो सका था। पुलिस मामले की गहराई से जांच से कर रही है। एक टीम के न्यू पीएचसी पहुंचने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में सारी बातें स्पष्ट होने के बाद पुलिस इस मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में जहां प्रसव होता है, उन अस्पतालों से जन्म प्रमाणपत्र सीआरएस पोर्टल से बनाए जाते हैं। सलेमपुर विकास खंड के ग्राम पयासी में न्यू पीएचसी है। वहां प्रसव तो नहीं होता है, लेकिन उस अस्पताल के नाम से एक फर्जी आईडी जनरेट कर दी गई है। आरोप है कि इसके जरिए पोर्टल पर जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र बन रहे थे लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी। इसी बीच लखनऊ से यह मामला पकड़ लिया गया।
इसके बाद हड़कंप मच। एक ऐसे अस्पताल जहां डिलीवरी (प्रसव) होता ही नहीं उसके नाम पर जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात जिसने भी सुनी वो दंग रह गया। सामुदायिक स्वाास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डा. अतुल कुमार ने इस बारे में सलेमपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाल सुनील कुमार पटेल ने कहा कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्या बोले अधीक्षक
सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ.अतुल कुमार ने बताया कि न्यू पीएचसी पयासी पर प्रसव नहीं होता है। बावजूद इसके फर्जी तरीके से आईडी बनाकर वहां से जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। निश्चित ही जांच में इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और पर्दाफाश हो सकेगा।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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