
ट्रेस हो गई डॉ.शाहीन की B-पार्टी, आतंकी महिला ब्रिगेड की थी तैयारी; ATS की दबिश
दिल्ली धमाके के लिए जिम्मेदार डॉक्टर गैंग में लखनऊ की डॉ. शाहीन भी शामिल है। डॉ. शाहीन और श्रीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल एक-दूसरे के काफी करीब थे। आतंकी संगठनों के लिए महिला ब्रिगेड तैयार करने का जिम्मा डॉ. शाहीन पर ही था। उसे एक सुरक्षित कवर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था।
Delhi Red Fort Car Blast: आतंकी डॉक्टरों का नेटवर्क खंगालने के लिए एनआईए समेत कई जांच एजेंसी और यूपी एटीएस को लगाया गया है। इस सबके बीच आतंकी महिला ब्रिगेड बनाने की कोशिश में लगी डॉ. शाहीन और उसके करीबियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। डॉ. शाहीन के कुछ करीबी उत्तराखंड में ट्रेस किए गए हैं। इनकी निगरानी और छानबीन के लिए जानकारी यूपी एटीएस से भी साझा की गई है। इसके बाद टीम को उत्तराखंड रवाना किया गया है। वहां दबिश और पूछताछ का सिलसिला जारी है। दूसरी ओर, डॉ. शाहीन और धर्मांतरण नेटवर्क को लेकर कनेक्शन खंगाला जा रहा है।
दिल्ली धमाके के लिए जिम्मेदार डॉक्टर गैंग में लखनऊ की डॉ. शाहीन भी शामिल है। डॉ. शाहीन और श्रीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल एक-दूसरे के काफी करीब थे। पूछताछ में ये भी पुष्ट हो चुका है कि आतंकी संगठनों के लिए महिला ब्रिगेड तैयार करने का जिम्मा डॉ. शाहीन पर ही था। उसे एक सुरक्षित कवर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था। डॉ. शाहीन ने धमाकों की साजिश के लिए विस्फोटक जुटाने से लेकर तमाम जगह मदद दी। ऐसे में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने डॉ. शाहीन को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
डॉ. शाहीन के मोबाइल कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हुई बातचीत के अलावा सुरक्षित मैसेजिंग एप्लीकेशन पर कुछ लोगों से संपर्क में होने का खुलासा हुआ है। यह जानकारी आईबी और यूपी एटीएस से साझा की गई है। ये भी खुलासा हुआ कि डॉ. शाहीन जिन लोगों से लगातार संपर्क में थी, उनमें से कुछ उत्तराखंड में हैं। उत्तराखंड की सीमा सहारनपुर से लगती है और सहारनपुर से ही श्रीनगर पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल डॉ. अदील को गिरफ्तार किया था, इसलिए सभी अलर्ट मोड में हैं। इसके बाद कुछ टीम को उत्तराखंड में शाहीन की बी-पार्टी यानी फोन पर लगातार संपर्क में रहने वाले इन लोगों का रिकार्ड खंगालने के लिए लगाया है। गुरुवार देररात इसी को लेकर दबिश भी दी गई और कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है।
उत्तराखंड कनेक्शन को लेकर पहले से था शक
खुफिया एजेंसियों को उत्तराखंड कनेक्शन को लेकर पहले से अंदेशा था। पहले ही खुलासा हुआ था कि सहारनपुर में डॉ. अदील को प्लांट करने का कारण उत्तराखंड की सीमा नजदीक होना है। किसी भी घटना के बाद सहारनपुर में छिपने और उत्तराखंड फरार होने की प्लानिंग का खुलासा डॉ. अदील से हो चुका था। इसलिए भी पूरे ऑपरेशन में यूपी एटीएस को प्रमुखता से शामिल रखा गया है।





